Elfin Agro IPO Listing: सुस्त लिस्टिंग के बाद ऊपर चढ़ा ₹47 का शेयर, नई एंट्री से पहले चेक करें कारोबारी सेहत

Elfin Agro IPO Listing: एलफिन एग्रो इंडिया मुख्य रूप से चक्की आटा, रिफाइंड आटा, तंदूरी आटा, सूजी, मेदा और पीली सरसों तेल के बिजनेस में है। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। नई एंट्री से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

अपडेटेड Mar 12, 2026 पर 3:55 PM
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Elfin Agro IPO Listing: एलफिन एग्रो का ₹25 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 5-9 मार्च तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Elfin Agro IPO Listing: आटा-तेल तैयार कर बेचने वाली एलिफन एग्रो के शेयरों की आज BSE SME पर हल्के प्रीमियम के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो आधे से थोड़ा ही अधिक भर पाया था। आईपीओ के तहत ₹47 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹47.30 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 0.64% का लिस्टिंग गेन (Elfin Agro Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹48.05 (Elfin Agro Share Price) पर पहुंच गया। ऊपरी लेवल पर मुनाफावसूली के चलते भाव नरम पड़े। दिन के आखिरी में यह ₹47.89 पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 1.89% मुनाफे में हैं।

Elfin Agro IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलफिन एग्रो का ₹25 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 5-9 मार्च तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.12 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा महज 0.59 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹5 की फेस वैल्यू वाले 53.25 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.33 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।


Elfin Agro के बारे में

एलफिन एग्रो इंडिया मुख्य रूप से चक्की आटा, रिफाइंड आटा, तंदूरी आटा, सूजी, मेदा और पीली सरसों तेल के बिजनेस में है। कंपनी राजस्थान, यूपी, गुजरात समेत 8 राज्यों और यूनियन टेरिटरीज में शिव नंदी और एलफिन्स श्री श्याम भोग के ब्रांड नाम से गेहूं के आटे की बिक्री करती है। साथ ही शिव नंदी ब्रांड नाम से यह सरसों का तेल बेचती है। इसके अलावा यह चना, सोयाबीन रिफाइंड ऑयल, मक्का, गेहूं और पशुओं के चारे जैसी चीजें भी बेचती है। इसकी राजस्थान के भिलवाड़ा में दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स है।

एलफिन एग्रो इंडिया मुख्य रूप से चक्की आटा, रिफाइंड आटा, तंदूरी आटा, सूजी, मेदा और पीली सरसों तेल के बिजनेस में है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.81 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹3.68 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹5.08 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 20% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹146.44 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹3.98 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹117.72 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹12.69 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹10.71 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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