स्मॉल फाइनेंस बैंक इक्विटास एसएफबी (Equitas SFB) के शेयरों की मार्केट में संख्या बढ़ने का असर इसके भाव पर भी दिख रहा है। आज इंट्रा-डे में बीएसई पर यह 13 फीसदी टूटकर 63.81 रुपये पर आ गया। मार्केट में इक्विटास एसएफबी के 78.95 करोड़ शेयर बढ़े हैं। ये शेयर इक्विटास होल्डिंग के साथ इक्विटास एसएफबी के रिवर्स मर्जर के तहत जारी हुए हैं। इस सौदे के तहत इक्विटास एसएफबी के नए शेयर लिस्ट हुए तो भाव टूट गए। फिलहाल यह बीएसई पर 6 फीसदी की गिरावट के साथ 68.83 रुपये के भाव (Equitas SFB Share Price) पर है। सोमवार 6 मार्च 2023 को यह 77.87 रुपये के एक साल के हाई पर था।
Equitas SFB और Equitas Holdings का रिवर्स मर्जर का क्या है मामला
इक्विटास होल्डिंग्स और इसकी सब्सिडियरी इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक ने पिछले साल विलय का एलान किया था। हालांकि यह एक रिवर्स मर्जर है यानी कि होल्डिंग कंपनी में सब्सिडियरी नहीं, बल्कि सब्सिडियरी कंपनी में होल्डिंग कंपनी को मिलाया गया है। इस योजना के तहत इक्विटास होल्डिंग्स के शेयरहोल्डर्स को इक्विटास एसएफबी के 100 शेयरों के बदले में 231 शेयर अलॉट हुए हैं। इक्विटास होल्डिंग्स के शेयरों की ट्रेडिंग फिलहाल बंद हो चुकी है। इसके शेयर बीएसई पर 2 फरवरी 2023 को 119.9 रुपये के भाव पर बंद हुए थे। वहीं इक्विटास एसएफबी के मार्केट में 78,95,35,166 नए शेयरों की ट्रेडिंग आज से शुरू हुई है लेकिन 93,39,43,363 शेयर 3 मार्च 2023 को खत्म हो गए थे जो इक्विटास होल्डिंग्स ने इक्विटास एसएफबी में होल्ड किए थे।
Equitas SFB ऐसे कारोबारियों को आसानी से कर्ज मुहैया कराती है जिनकी फॉर्मल फाइनेंसिंग चैनल्स तक सीमित पहुंच होती है। दिसंबर 2022 तिमाही में इसे 170 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ था। ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services का अनुमान है कि रिवर्स मर्जर के बाद अब बैंक यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकता है। इससे बैंक का पोर्टफोलियो और डाईवर्सिफाई होगा जो लो-कॉस्ट डिपॉजिट्स के मूवमेंट में बैंक को फायदा पहुंचाएगा। एनालिस्ट्स के मुताबिक बैंक के फाउंडर और एमडी-सीईओ पीएन वासुदेवन ने अपने इस्तीफे को वापस ले लिया है जो बेहतर फैसला है लेकिन बैंक को अपने टॉप मैनेजमेंट को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। रीडर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।