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Experts view : US-ईरान तनाव के चलते बाजार पर छाए संकट के बादल, फिर भी इन सेक्टरों में दिख रहे निवेश के अच्छे मौके

Omniscience के विकास गुप्ता का कहना है कि अगर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं या इसकी सप्लाई में रुकावट आती है, तो महंगाई बढ़ने की संभावना बनी रहेगी और US फेड और RBI ब्याज दरें बढ़ाने की सोच सकते हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 14, 2026 पर 1:39 PM
Experts view : US-ईरान तनाव के चलते बाजार पर छाए संकट के बादल, फिर भी इन सेक्टरों में दिख रहे निवेश के अच्छे मौके
Market Outlook: ओम्नीसाइंस कैपिटल विकास गुप्ता का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया की स्थिति सामान्य हो जाती है तो एशियाई बाज़ारों, जिनमें भारत भी शामिल है, में FII का ज़ोरदार निवेश आएगा

ओम्नीसाइंस कैपिटल (OmniScience Capital) के CEO और चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट विकास गुप्ता को पूरे फाइनेंशियल सेक्टर में निवेश के बड़े अवसर नज़र आ रहे हैं। Nifty 500 में इस सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 31 फीसदी है। इस स्पेस में उनको PSU और निजी बैंक, छोटे बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां और डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां पसंद है। इन पर वह ओवरवेट भी है। इसके अलावा, उनको पावर कंपनियां, उपकरण बनाने वाली कुछ कंपनियां, पावर सेक्टर में काम करने वाली EPC कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली कंपनियां और स्पेशलाइज्ड पावर फाइनेंस कंपनियां भी पसंद हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता के बारे में आपकी क्या राय है?

अमेरिका और ईरान की मांगों के बीच सचमुच एक बहुत बड़ी "खाई" है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम को छोड़कर एक गैर-परमाणु देश बन जाए। जबकि, ईरान का लक्ष्य एक परमाणु शक्ति बनना है। इसके पास पहले से ही बड़ी मात्रा में एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। अमेरिका चाहता है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में आवाजाही पूरी तरह से स्वतंत्र हो, जबकि ईरान उस पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहता है और उससे टोल वसूलना चाहता है।

इन विरोधाभासी बातों को देखते हुए ऐसा लगता है कि इस समस्या का जल्द समाधान मुश्किल है। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि हर पक्ष कुछ समय लेने की कोशिश कर रहा है और युद्ध फिर से शुरू हो सकता है।

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