Stock market : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 1 अप्रैल को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी आज 23200 से नीचे आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,390.41 अंक या 1.80 फीसदी गिरकर 76,024.51 पर और निफ्टी 353.65 अंक या 1.50 फीसदी गिरकर 23,165.70 पर बंद हुआ। शुक्रवार को कमजोर रुझान के साथ रेंजबाउंड कारोबार देखन को मिला था। आज मंगलवार को निफ्टी में बड़ी गिरावट देखने को मिली अंत में यह 353 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। निगेटिव रुझान के साथ खुलने के तुरंत बाद तेज रिकवरी देखने को मिली। यह तेजी की भावना जल्द ही निगेटिव हो गई और निफ्टी सत्र के शुरुआती-मध्य भाग में लाल निशान में चला गया और अंत में रेंज बाउंड हो गया।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का कहना है कि डेली चार्ट पर लॉन्ग अपर शैडो के साथ लॉन्ग बियर कैंडल बनाता दिखा। तकनीकी रूप से यह मार्केट एक्शन 23600 के आसपास के ओवरहेड रेजिस्टेंस से बिक्री के दबाव के उभरने का संकेत है। डेली चार्ट पर हायर टॉप और बॉटम जैसे पॉजिटिव चार्ट पैटर्न अभी भी बरकरार हैं और मौजूदा डाउनवर्ड करेक्शन को हायर बॉटम फॉर्मेशन की प्रक्रिया के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, हायर बॉटम फॉर्मेशन की पुष्टि होनी बाकी है।
बाजार की मौजूदा कमजोरी हाल ही में आए तेज उछाल के बाद एक हल्दी करेक्शन दिख रही है। निफ्टी को 23000 के स्तर के आसपास सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, तत्काल रेजिस्टेंस 23400 के स्तर के आसपास है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार की नजर टैरिफ वार्ता और अलग-अलग सेक्टरों पर उसके पड़ने वाले असर पर टिकी हुई है। इसके चलते हाल ही में आई तेजी के बाद मुनाफावसूली हो रही है। इसके अलावा कंसोलीडेट हो रहा निफ्टी इंडेक्स अपनी रेंज से नीचे फिसल गया है और 23,400 पर इसने मूविंग एवरेज रिबन सपोर्ट को तोड़ दिया है। इसके लिए अगला बड़ा सपोर्ट 23,100 (20 डीईएमए) के आसपास है और इस स्तर से नीचे टूटने गिरावट बढ़ सकती है। जबकि इससे ऊपर बने रहने से रिकवरी का रास्ता खुल सकता है। इन मिलेजुले संकेतों को देखते हुए, इंडेक्स पोजीशन को लेकर सतर्क रहने और स्टॉक-स्पेसिफिक ट्रेडिंग रणनीति बनाए रखने की सलाह होगी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में तेज गिरावट आई है। ये डेली चार्ट पर 50EMA के करीब पहुंच गया है। यह गिरावट कंसोलीडेशन के हालिया चरण के बाद आई है। कमजोर भावना का संकेत है। हालांकि, निकट भविष्य में, 50EMA पर स्थित सपोर्ट बाजार को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि यह लेवल बना रहता है तो हमें रिकवरी देखने को मिल सकती है। दूसरे शब्दों में कहें तो 23,115 से नीचे जाने पर बाजार में बड़ा करेक्शन आ सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 23,250 पर रेजिस्टेंस इस स्तर से ऊपर एक ब्रेकआउट बाजार में नई तेजी ट्रिगर कर सकता है।
प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि डेली चार्ट पर एक मजबूत बियरिश कैंडल बनी है जो यह दर्शाती है कि मंदड़ियों का पलड़ा भारी है। हालांकि, यह गिरावट 23,000 के स्तर तक ही सीमित रहने की उम्मीद है। इस लेवल के 50-डे मूविंग एवरेज और बाजार के ओवरसोल्ड स्थितियों के करीब पहुंचने का सपोर्ट हासिल है। ऊपर की ओर, 23430 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।
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