Market trend : अमेरिकी टैरिफ घोषणाओं के बाद 3 अप्रैल को भारतीय इक्विटी इंडेक्सों में गिरावट आई और निफ्टी 23,250 के आसपास बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 322.08 अंक या 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 76,295.36 पर और निफ्टी 82.25 अंक या 0.35 फीसदी की गिरावट के साथ 23,250.10 पर बंद हुआ। कमजोर ग्लोबल संकेतों के बाद निफ्टी में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली लेकिन तुरंत ही इसमें सुधार हुआ। ट्रंप के टैरिफ के कारण कमजोर ग्लोबल इक्विटी रुझानों के बावजूद भारतीय बाजार में मजबूती रही।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,100 पर शॉर्ट टर्म सपोर्ट है। जब तक निफ्टी इस स्तर से ऊपर रहता है, तब तक रुझान मजबूत रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ निफ्टी 23,430 की ओर बढ़ सकता है। इस स्तर से भी ऊपर जाने मजबूत रैली ट्रिगर हो सकती है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक नागराज शेट्टी का कहना है कि बुधवार को अच्छी उछाल दिखाने के बाद,कल रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रिसीप्रोकल टैरिफ की घोषणा के बाद निफ्टी में कमजोरी आई और गुरुवार को निफ्टी ने सीमित दायरे में कारोबार करते हुए 82 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। गुरुवार के सत्र के शुरुआती हिस्से में गैप डाउन ओपनिंग के बाद निफ्टी में तेज इंट्राडे रिकवरी आई। बाद में कारोबारी सत्र के मध्य से लेकर बाद के हिस्से में यह सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा।
निफ्टी ने आज लॉन्ग अपर शैडो के साथ एक मजबूत पॉजिटिव कैंडल बनाई है। तकनीकी रूप से,यह मार्केट एक्शन कमजोर रुझान के साथ बाजार में रेंज बाउंड कारोबार का संकेत है। इससे यह संकेत मिलता है कि एक बड़ी ग्लोबल घटना बाजार के अंतर्निहित ट्रेंड को बिना कोई बड़ा नुकसान पहुंचाए घटित हो चुकी है।
निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोरी के साथ रेंज बाउंड रहने का है। निफ्टी के लिए 23100 के आसपास सपोर्ट दिख रहा है। यह इस सपोर्ट लेवल के पास नया हायर बॉटम रिवर्सल पैटर्न बनाने की प्रक्रिया में है। वहीं, इसके लिए 23350 पर पहला रेजिस्टेंस है। यह बाधा पार होने पर निफ्टी के लिए अगला रेजिस्टेंस 23650 के स्तर के आसपास है।
प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि वर्तमान में निफ्टी 23,140-23,350 के छोटे दायरे के भीतर घूम रहा है। बाजार की दिशा साफ होने को लिए इस रेंज के ऊपर या नीचे किसी भी तरफ एक ब्रेकआउट की जरूरत है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।