Stock Market : कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि 7 फरवरी को बीते हफ्ते में ग्लोबल मार्केट और भारत में इक्विटी बाजारों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ संबंधी घोषणाओं को पचा लिया। इसके अलावा,बाजार पर यूनियन बजट का असर भी देखने को मिला। इस हफ्ते अधिकांश इंडेक्सों ने मामूली बढ़त के साथ क्लोजिंग की। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो हमें मिलाजुला रुझान देखने को मिला। यूनियन बजट के बाद मुनाफावसूली के बीच बीएसई एफएमसीजी इंडेक्स में गिरावट आई। बीएसई कैपिटल गुड्स और बीएसई रियल्टी इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। सेक्टोरल इंडेक्सों की चाल पर मैक्रो आंकड़ों और वित्त वर्ष 2025 के तीसरी तिमाही के नतीजों का असर देखने को मिला।
वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के नतीजे मोटे तौर पर हमारी उम्मीदों के अनुरूप ही रहे हैं। जैसी कि उम्मीद थी,आरबीआई ने रेपो रेट में 25 फीसदी की कटौती की है और अब उसका फोकस ग्रोथ संबंधी चिंताओं को दूर करने पर केंद्रित हो गया है। साथ ही अगले कुछ महीनों में महंगाई के 4 फीसदी के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है।
श्रीकांत चौहान ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ट्रेड पॉलिसियों और जवाबी टैरिफ पर अनिश्चितता,फेड का अपेक्षाकृत ज्यादा आक्रामक रुख और एफआईआई की तरफ से हो रही निरंतर बिकवाली जैसे फैक्टर ग्लोबल और घरेलू इक्विटी बाजारों के लिए कुछ चुनौतियां पेश करते नजर आएंगे।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का ओवरऑल ट्रेंड हाई वोलैटिलिटी के साथ कमजोरी का है। बाजार अब 23500-23400 के सपोर्ट लेवल के पास है। इस सपोर्ट से आने वाला कोई उछाल निफ्टी को निकट अवधि में फिर से 23800 के स्तर की ओर ले जा सकता है। हालांकि,इस सपोर्ट के टूटने से तेजी थम सकती है और तेज गिरावट आ सकती है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि आरबीआई गवर्नर द्वारा मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद निफ्टी में उतार-चढ़ाव रहा। हालांकि, इस उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स डेली टाइम फ्रेम पर 21 ईएमए से नीचे नहीं गया। पॉजिटिव शॉर्ट टर्म रुझान का संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी 23,450 से ऊपर बना रहेगा,तब तक ट्रेंड पॉजिटिव रहने की संभावना है। ऊपरी स्तरों पर 23,700 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। 23,700 से ऊपर जाने पर निफ्टी में 24,050 की ओर तेजी आती नजर आ सकती है।
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