Fertiliser Stocks: फर्टिलाइजर शेयरों में 17% तक की तूफानी तेजी, सरकार के एक आदेश से खरीदारी की मची लूट

Fertiliser Stocks: फर्टिलाइजर्स कंपनियों के शेयरों में आज 10 मार्च को भारी तेजी देखने को मिली। सरकार की ओर से नेचुरल गैस रेगुलेशन ऑर्डर, 2026 जारी किए जाने के बाद इन कंपनियों के शेयर 17 प्रतिशत तक उछल गए। कारोबार के दौरान फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर (FACT) के शेयर करीब 17 प्रतिशत तक चढ़ गए

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 1:07 PM
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Fertiliser Stocks: भारत सरकार ने नेचुरल गैस रेगुलेशन ऑर्डर, 2026 जारी किया है

Fertiliser Stocks: फर्टिलाइजर्स कंपनियों के शेयरों में आज 10 मार्च को भारी तेजी देखने को मिली। सरकार की ओर से नेचुरल गैस रेगुलेशन ऑर्डर, 2026 जारी किए जाने के बाद इन कंपनियों के शेयर 17 प्रतिशत तक उछल गए। कारोबार के दौरान फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर (FACT) के शेयर करीब 17 प्रतिशत तक चढ़ गए। वहीं राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) के शेयर लगभग 11.4 प्रतिशत और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के शेयर करीब 10.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।

सरकार ने जारी किया नया गैस रेगुलेशन ऑर्डर

केंद्र सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत पेट्रोलियम, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नेचुरल गैस की उपलब्धता, सप्लाई और समान वितरण को नियंत्रित करने के लिए यह आदेश जारी किया है।

इस आदेश के तहत कई सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है। इनमें घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG), ट्रांसपोर्टेशन के लिए CNG, LPG उत्पादन, पाइपलाइन कम्प्रेसर के लिए ईंधन, फर्टिलाइजर प्लांट्स को गैस की सप्लाई, चाय इंडस्ट्री और दूसरे इंडस्ट्रियल ग्राहक शामिल हैं।


सरकार के नए आदेश के मुताबिक, फर्टिलाइजर प्लांट्स को नेचुरल गैस की सप्लाई पिछले छह महीने के औसत का अधिकतक 70% तक सीमित किया जाएगा। भारत में नाइट्रोजन-आधारित फर्टिलाइजर, खासकर यूरिया, बनाने के लिए नेचुरल गैस मुख्य कच्चा माल है। यूरिया के उत्पादन में इसकी लागत का 80% से अधिक हिस्सा गैस पर निर्भर करता है।

गैस सप्लाई में रुकावट

भारत सहित दुनिया भर में नेचुरल गैस की सप्लाई में रुकावट आई है। दरअसल, दुनिया की सबसे बड़ी गैस उत्पादक कंपनियों में से एक कतर एनर्जी ने 'फोर्स मेजर' का ऐलान कर दिया है। कतर एनर्जी को यह ऐलान इसलिए करना पड़ा क्योंकि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के दौरान ईरान के ड्रोन हमलों से उसकी नैचुरल गैस फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा है।

भारत आयात पर निर्भर

भारत दुनिया में फर्टिलाइजर का दूसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर है। देश को DAP और पोटाश जैसे फर्टिलाइजर्स के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों में अड़चनों से सप्लाई के रुकने का जोखिम बढ़ जाता है।

कंपनियों ने पहले ही उठाए कदम

फर्टिलाइजर कंपनियों ने इस सप्लाई की समस्या को देखते हुए अपने प्लांट्स को मेंटेनेंस के बंद करने के कार्यक्रम को मार्च तक आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इस कदम से कंपनियां पीक-सीजन आउटपुट पर असर डाले बिना ग्लोबल रुकावट के समय का प्रोडक्टिव तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगी।

पर्याप्त भंडार उपलब्ध

फर्टिलाइजर्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, देश में फिलहाल फर्टिलाइजर्स का पर्याप्त भंडार है। पिछले शुक्रवार तक कुल फर्टिलाइजर्स भंडार 177.31 लाख टन रहा, जो पिछले साल के 129.85 लाख टन की तुलना में लगभग 36.5 प्रतिशत अधिक है। आंकड़ों के अनुसार यूरिया का स्टॉक 59.30 लाख टन, डायमोनियम फॉस्फेट (DAP) का स्टॉक 25.13 लाख टन और NPKS उर्वरकों का भंडार 55.87 लाख टन दर्ज किया गया।

सरकार ने कहा है कि किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और किसी भी स्थिति में उनकी जरूरतों से समझौता नहीं किया जाएगा।

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