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FIIs buying in India: लौट आए विदेशी निवेशक! फरवरी में आया 17 महीने का रिकॉर्ड निवेश, एक्सपर्ट ने दिए ये संकेत

FIIs buying in India: विदेशी निवेशक फिर भारतीय मार्केट को लेकर बुलिश हो गए हैं? यह सवाल इसलिए क्योंकि लगातार कई महीनों की ताबड़तोड़ बिकवाली के बाद इस महीने फरवरी में आखिरकार वे नेट बायर्स बन गए। जुलाई 2025 के बाद से वे पहली बार नेट बायर्स बने हैं। जानिए इसे लेकर एक्सपर्ट का क्या कहना है और आगे क्या रुझान है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 26, 2026 पर 9:19 AM
FIIs buying in India: लौट आए विदेशी निवेशक! फरवरी में आया 17 महीने का रिकॉर्ड निवेश, एक्सपर्ट ने दिए ये संकेत
FIIs buying in India: विदेशी निवेशकों का इस महीने फरवरी में अब तक कुल नेट इनफ्लो करीब $244 करोड़ रहा। यह सितंबर 2024 के बाद से सबसे अधिक रहा, जब उनका निवेशक करीब $595 करोड़ पर पहुंचा था।

FIIs buying in India: लगातार कई महीनों की ताबड़तोड़ बिकवाली के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) इस महीने फरवरी में आखिरकार बिकवाली से अधिक खरीदारी की यानी कि वे नेट बायर्स बन गए। घरेलू मार्केट में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद 17 महीनों में विदेशी निवेशकों ने सबसे अधिक मासिक निवेश किया। विदेशी निवेशकों ने इस महीने फरवरी में सेकंडरी मार्केट में अब तक करीब $214 करोड़ और प्राइमरी मार्केट में $29.9 करोड़ की नेट खरीदारी की यानी कि कुल मिलाकर उनका नेट इनफ्लो $244 करोड़ रहा। यह सितंबर 2024 के बाद से सबसे अधिक रहा, जब उनका निवेशक करीब $595 करोड़ पर पहुंचा था।

विदेशी निवेशकों ने यह खरीदारी ऐसे समय में की है जब NSDL के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी के पहले दो हफ्ते में AI से जुड़ी चिंताओं के चलते FIIs ने आईटी शेयरों में $121 करोड़ से अधिक की बिकवाली की। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी लगभग फ्लैट रहे तो BSE मिडकैप150 इंडेक्स में 2% और स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में करीब 1.4% की तेजी आई।

जुलाई 2025 के बाद से पहली बार नेट बायर्स

प्राइमरी मार्केट यानी कि आईपीओ बाजार में विदेशी निवेशकों की खरीदारी अक्टूबर 2023 से लगातार बनी हुई है। वहीं सेकंडरी मार्केट में बात करें तो जुलाई 2025 के बाद से पहली बार विदेशी निवेशकों ने बिकवाली से अधिक खरीदारी की। अक्टूबर 2025 में थोड़े समय के लिए FIIs कुछ समय तक मामूली नेट बायर्स बने थे, लेकिन अगले छह महीनों तक अधिकतर नेट सेलर्स ही रहे। जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच सेकंडरी मार्केट से उनकी कुल निकासी करीब $2000 करोड़ रही, जबकि प्राइमरी मार्केट में $641 करोड़ का निवेश आया।

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