F&O Manual : मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बीच 28 जुलाई को भारतीय बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। निफ्टी 19600 के नीचे फिसल गया है। मंड़ियों ने बाजार की कमान अपने हाथ में ले ली है। जिससे तेजड़ियों के खेमे में बेचैनी पैदा हो गई है। बाजार जानकारों का कहना है कि हाल में आई तेजी के चलते बाजार काफी ओवरबॉट हो गया है। ऐसे में इसमें करेक्शन आना स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है। बाजार के लिए ग्लोबल संकेत अभी भी अच्छे बने हुए हैं। इस पूरे हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्सों में कुछ सुस्ती देखने को मिली जबकि ब्रॉडर इंडेक्स में जोश कायम रहा।
दोपहर के समय सेंसेक्स 285.96 अंक या 0.43 फीसदी की गिरावट के साथ 65980.86 पर और निफ्टी 69.70 अंक या 0.35 फीसदी टूट कर 19590.20 पर दिख रहा था। लगभग 1671 शेयरों में तेजी देखने को मिल रही थी। जबकि 1372 शेयर शेयरों में कमजोरी देखने को मिली रही थी। वहीं, 127 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ था।
बाजार जानकारों का कहना है कि आगे हमें बाजार में मुनाफावसूली बढ़ती दिख सकती है। इस स्थिति में हमें 19500 (20EMA) पर स्थित सपोर्ट टूटता दिख सकता है। मई-जून के दौरान आए पिछले करेक्शन के दौरान ये मूविंग एवरेज निफ्टी के लिए मजबूत बेस साबित हुआ था। इस सपोर्ट से बाजार ने वापसी की थी और फिर अच्छी तेजी दिखाई थी। ऐसे में आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में 19500 के इस बेस पर नजरें बनाए रखने की सलाह है। अगर ये बेस नहीं टूटता तो निफ्टी फिर से वापसी करता दिख सकता है। वहीं, अगर ये बेस टूट गया तो आने वाले दिनों में बाजार में और मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
एंजेल वन के हेड रिसर्च, टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स समीत चव्हाण का मानना है कि निफ्टी के लिए 19850 - 19880 पर कड़ा प्रतिरोध दिख रहा है। अगर निफ्टी इस बाधा को पार कर लेता है तभी इसमें किसी नई तेजी की उम्मीद की जा सकती है। जुलाई में बाजार में 3.5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है। इसके अलावा बुल्स ने लगातार चार क्लोजिंग में जीत का मजा लिया है। चव्हाण ने यहा भी कहा कि बाजार में तेजी की उम्मीद कायम है। लेकिन अब इसकी ऊपर की चढ़ाई का अगला चरण उतना आसान नहीं होगा जितना पहले रहा था। ट्रेडर्स को समीत चव्हाण की सलाह है कि वे कोई एग्रेसिव लॉन्ग पोजीशन लेने के पहले बाजार में कंसोलीडेशन या अच्छे करेक्शन का इंतजार करें।
बैंक निफ्टी में भी आज कॉल राइटर्स का दबदबा रहा। कॉल और पुट राइटर्स की खींचतान 45500 के स्तर के आसपास देखी जा सकती है। बैंक निफ्टी के लिए 45200 के आसपास सपोर्ट है। जबकि 45700 पर पहला रजिस्टेंस। इसके बाद 45800 और 46000 पर अगले रजिस्टेंस हैं।
अलग-अलग शेयरों पर नजर डालें तो टाटा पावर, टाटा केम और आईपीसीए लेबोरेटरीज में लॉन्ग बिल्डअप देखने को मिला है। जबकि हिंद पेट्रो और आईओसी में शॉर्ट बिल्डअप देखने को मिला है
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