मार्केट एक्सपर्ट प्रकाश दीवान का कहना है कि ट्रंप की नीतियों का असर बाजार पर किस तरह से होगा यह कहना मुश्किल है। भारतीय बाजार को इनटर्ली स्ट्रेंथ कहां से मिलती है यह देखना जरुरी है। आरबीआई पॉलिसी, आने वाले तिमाही नतीजे, बजट का इपेक्ट, जैसे-जैसे महंगाई काबू आएगी। वैसे-वैसे इन सभी फैक्टर का असर भारतीय बाजारों पर आगे साफ दिखाई देगा। मुझे लगता है कि दुनियाभर में लिक्विडिटी का मामला ट्रंप की नीतियों से आधारित रह सकता है। लेकिन वैल्यूएशन, अर्निंग्स, ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता नहीं है। लिहाजा बाजार में निवेशक वैल्यूएशन, अर्निंग्स पर फोकस कर चुनिंदा सेक्टर और स्टॉक्स में निवेश कर सकते है।
कैपिटल गुड्स, फार्मा सेक्टर के अर्निंग ग्रोथ Q3 से बेहतर रहने की उम्मीद
कंपनियों के अर्निंग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अर्निंग में जहां जहां ग्रोथ नजर आती है उसके पीछे पड़कर उसे सेक्टर अब हासिल करने की क्षमता रख रहे है। पहले हमारी बैलेसशीट ही मजबूत नहीं थी तो हम किसके पीछे दौड़ लगाएगे। लेकिन आज ग्रोथ के पीछे हम दौड़ने के लिए काफी सक्षम हुए है। मुझे लगता है कि 2-3 सेक्टर ऐसे है जिनमें पिछले 6 महीनों में काफी बदलाव आए है। उनमें से पहला है डिफेंस सेक्टर। डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की पहल सेक्टर के लिए काफी प़ॉजिटिव है। वहीं पावर सेक्टर में भी बॉटम आउट होने का अंदेशा दिख रहा है। जिसके चलते इस सेक्टर में रीवाइवल देखने को मिल सकता है। हालांकि कैपिटल गुड्स, फार्मा सेक्टर के अर्निंग ग्रोथ Q3 से बेहतर रहने की उम्मीद है और इन सेक्टर के मैनेजमेंट कमेंट्री पर बाजार की नजर होगी।
फिर होगी एफआईआई की धुंआधार एंट्री
प्रकाश दीवान ने आगे कहा कि अगले 3-4 महीने में चीन के बाजार में एफआईआई पैसे एलोकेट करेंगे। भारतीय बाजार इस पीरियड में जब इम्प्रुव होता नजर आएगा। तब भारतीय बाजार में एफआईआई की खरीदारी फिर लौटती दिखेगा। तब तक भारतीय रुपया और मजबूत हो जाएगा। रुपये जब मजबूत होना शुरु होता है तो एफआईआई के लिए वह बड़ी खबर होती है। इकोनॉमी में मजबूती, अर्निंग ग्रोथ, ब्याज दरों में कटौती जैसे फैक्टर आने वाले 3-6 महीने में होते नजर आएंगे और फिर वापस भारतीय बाजारों में एफआईआई की धुंआधार एंट्री होती दिखाई देगी।
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