विदेशी निवेशक इस साल में पहली बार चीनी शेयर बाजार में बिकवाली शुरू करने के ट्रैक पर नजर आ रहे हैं। पार्टी कांग्रेस से सहायक नीतियों की कमी और नए सिरे से कोविड जीरो पुश स्पूक मार्केट में चिंताएं नजर आ रही हैं। इन कारणों से विदेशी निवेशक ने चीनी शेयर बाजार से बाहर निकलने का मन बना रहे हैं।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने सोमवार को हांगकांग के साथ ट्रेडिंग लिंक के जरिये मेनलैंड शेयरों में रिकॉर्ड 17.9 अरब युआन (2.5 अरब डॉलर) की शुद्ध बिकवाली की। इस अब तक ये स्मॉल नेट आउटफ्लो दिखाई दिया है। अगर यह आउटफ्लो साल के अंत तक बना रहता है, तो 2014 में स्टॉक कनेक्ट प्रोग्राम शुरू होने के बाद से यह पहली वार्षिक गिरावट होगी।
देश में एक दशक में दूसरी बार की राजनीतिक घटना के बाद सोमवार को बाजारों दहशत बिकवाली देखनो को मिली। इसकी वजह से हैंग सेंग चाइना एंटरप्राइजेज इंडेक्स 2008 के वित्तीय संकट के बाद के निम्नतम स्तर पर गिर गया। इसमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सत्ता के सुदृढ़ीकरण को एक बड़े जोखिम के रूप में देखा गया था। इसके साथ ये उम्मीद भी की गई थी कि नेतृत्व में फेरबदल से कोविड जीरो जैसी प्रमुख नीतियों को जारी रखा जाएगा।
ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के एक विश्लेषक मार्विन चेन ने कहा, "चीनी शेयरों पर विदेशी सेंटीमेंट्स अब कम नजर आ रहा है।" पार्टी कांग्रेस ने कोविड की नीतियों में कोई बड़े बदलाव नहीं होने का संकेत दिया। "बाजारों को दिसंबर में सेंट्रल इकोनॉमिक वर्क कॉन्फ्रेंस का इंतजार करना पड़ सकता है। इसमें ये देखने को मिलेगा कि नया नेतृत्व चीन की आर्थिक चुनौतियों का समाधान कैसे करेगा।"
चीन के बाजारों में मंदड़ियों का दबदबा दिन पर दिन बढ़ रहा है क्योंकि ट्रेडर्स ने देश की आर्थिक विकास संभावनाओं पर संदेह जताया है। आर्थिक विकास कोविड जीरो और बहुत ज्यादा पस्त प्रॉपर्टी सेक्टर से बाधित नजर आ रहा है। देश में उम्मीद से बेहतर तीसरी तिमाही के जीडीपी डेटा पोस्ट करने के बावजूद व्यापक बिकवाली के बीच बेंचमार्क CSI 300 इंडेक्स सोमवार को 2.9% फिसल गया।
निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या नया नेतृत्व आगे के नुकसान को रोकने के लिए बहुत जरूरी प्रोत्साहन दे सकता है। इस साल के अंत में दो आर्थिक सभाओं - पोलित ब्यूरो की बैठक और सेंट्रल इकोनॉमिक वर्क कॉन्फ्रेंस पर ऐसी नीतियों के लिए बारीकी से नजर रखी जायेगी।