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FPI फिर बने सेलर, सितंबर के पहले हफ्ते में भारतीय शेयरों से निकाले ₹7443 करोड़

FPI's Selling in September: सितंबर के पहले सप्ताह में की गई सेलिंग के बाद 2026 में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की कुल सेलिंग बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गई है। FPI ने बॉन्ड बाजार में भी बिकवाली की है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Sep 06, 2026 पर 11:50 AM
FPI फिर बने सेलर, सितंबर के पहले हफ्ते में भारतीय शेयरों से निकाले ₹7443 करोड़
FPI ने जुलाई में भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

भारतीय शेयर बाजार में लगातार 2 महीने बायर रहने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सितंबर के पहले सप्ताह में फिर से सेलर बन गए। इस दौरान उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 7,443 करोड़ रुपये निकाले। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। FPI ने इससे पहले जुलाई में भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इससे पहले मार्च से जून तक लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के पहले सप्ताह में की गई सेलिंग के बाद 2026 में भारतीय शेयर बाजार में FPI की कुल सेलिंग बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गई है। साल 2025 में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की सेलिंग की थी।

एक्सपर्ट्स की राय

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यस सिक्योरिटीज के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर राजकुमार राठी का कहना है कि हाल में FPI की बिकवाली के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी प्रमुख कारकों में से एक है। इससे भारत में महंगाई और चालू खाते की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने और डॉलर सूचकांक के मजबूत बने रहने से उभरते बाजारों के प्रति विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा कमजोर हुई है।

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