साल 2025 में विदेशी निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयरों से रिकॉर्ड तोड़ पैसे निकाले। करेंसी की अस्थिर चाल, ग्लोबल ट्रेड को लेकर टेंशन, खासकर संभावित अमेरिकी टैरिफ, और बढ़े हुए वैल्यूएशन ने निवेशकों की रिस्क लेने की भूख कम कर दी। इसके चलते इस साल भारतीय शेयरों से विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.6 लाख करोड़ रुपये निकाले। इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड की बढ़ती यील्ड, मजबूत डॉलर और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं की चिंताओं ने वैश्विक पूंजी को भारत जैसे उभरते बाजारों से विकसित बाजारों की ओर मोड़ दिया। इस साल कमजोर प्रदर्शन के बावजूद, बाजार के जानकारों को उम्मीद है कि 2026 में यह ट्रेंड पलट जाएगा।
