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Indian Oil जैसी तेल कंपनियों की कठिन डगर, हर लीटर पेट्रोल पर ₹18 और डीजल पर ₹35 का हो रहा घाटा

कच्चे तेल में उबाल के बावजूद आम लोगों पर तेल की महंगाई का बोझ नहीं डाला गया है। तेल बेचने वाली सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के भाव नहीं बढ़ाए। इसके चलते उन्हें हर लीटर पेट्रोल पर ₹18 और डीजल पर ₹35 का घाटा हो रहा है। जानिए एक्साइज ड्यूटी घटाने से क्या फर्क पड़ा और यह पूरा हटकर जीरो हो जाए तो क्या असर पड़ेगा

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Apr 14, 2026 पर 2:05 PM
Indian Oil जैसी तेल कंपनियों की कठिन डगर, हर लीटर पेट्रोल पर ₹18 और डीजल पर ₹35 का हो रहा घाटा
भारत ने पिछले साल 2025 में अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 88% आयात किया, लगभग 45% मिडिल ईस्ट से, 35% रूस से और 6% अमेरिका से, लेकिन इसके बावजूद डीजल, पेट्रोल और ATF (एविएशन टरबाइन फ्यूल) समेत प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों के मामले में भारत नेट एक्सपोर्टर बना रहा। (FIle Photo- Pexels)

इनपुट लागत में तेज बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इसके चलते पेट्रोल की बिक्री पर प्रति लीटर ₹18 और डीजल की बिक्री पर ₹35 का घाटा हो रहा है। 10 वर्षों से अधिक समय पहले कीमतों पर नियंत्रण हटाए जाने के बावजूद सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अप्रैल 2022 से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। वहीं इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज उठा-पटक रही।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कच्चा तेल प्रति बैरल $100 से ऊपर पहुंच गया था। इस साल की शुरुआत में इसके भाव करीब $70 प्रति बैरल तक गिर गए लेकिन फिर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध ने सप्लाई की चिंता बढ़ाई तो यह करीब $120 तक पहुंच गया।

Indian Oil, Hind Petro और Bharat Petroleum को Q4 में घाटे के आसार

पिछले महीने चरम पर इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को हर दिन करीब ₹2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा था। जब सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में प्रति लीटर ₹10-₹10 की कटौती की तो यह नुकसान घटकर हर दिन करीब ₹1,600 करोड़ रह गया है। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च में हुए नुकसान ने जनवरी-फरवरी में हुई सारी कमाई खत्म कर दी और अब आशंका है कि इन तीनों कंपनियों को मार्च तिमाही में घाटे की बात सामने आ सकती है।

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