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फंड मैनजेर्स ने सावधानी बरतने की दी सलाह, कहा-लिक्विडिटी की वजह से निवेशक अच्छे-खराब के बीच फर्क नहीं कर पा रहे

फंड मैनेजर्स ने कहा है कि निवेशक सिर्फ रिटर्न के पीछे भाग रहे हैं। ज्यादा लिक्विडिटी की वजह से वे अच्छे और खराब स्टॉक्स के बीच फर्क नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से करीब हर सेक्टर में वैल्यूएशन काफी बढ़ गई है। ज्यादा वैल्यूएशन से बुलबुला बनता है जो मार्केट के लिए रिस्क है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 24, 2024 पर 6:05 PM
फंड मैनजेर्स ने सावधानी बरतने की दी सलाह, कहा-लिक्विडिटी की वजह से निवेशक अच्छे-खराब के बीच फर्क नहीं कर पा रहे
फंड मैनेजर्स का कहना है कि वैल्यूएशन बढ़ने का मतलब है कि भविष्य में रिटर्न कम रहेगा।

मार्केट में तेजी के दौर में जब लिक्विडिटी ज्यादा होती है तो निवेशक खराब प्रदर्शन की अनदेखी करते हैं। वे अच्छे और खराब शेयरों के बीच फर्क नहीं करते हैं। फंड मैनेजर्स ने मनीकंट्रोल म्यूचुअल फंड समिट में ये बातें कहीं। यह समिट 22 अगस्त को मुंबई में हुआ। उनका यह भी कहना था कि हाई वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशकों को शेयरों से अच्छा रिटर्न कमाने के लिए निवेश की अवधि लंबी रखनी होगी। एचडीएफसी एएमएसी में सीनियर फंड मैनेजर रोशी जैन ने कहा कि लिक्विडिटी ज्यादा होने की वजह से कमजोर प्रदर्शन पर नजरें नहीं जा रही हैं। लेकिन, आंख मूंदकर निवेश करने की जगह कंपनियों के प्रदर्शन का आकलन करने के बाद निवेश का फैसला लेना चाहिए।

खराब और अच्छा के बीच फर्क नहीं कर पा रहे निवेशक

जैन ने कहा कि बाजार में तेजी के बीच निवेशक स्टॉक्स (Stocks) और उसके वैल्यूएशन (Valuation) पर गौर नहीं कर रहे हैं।  एक सेक्टर की सभी कंपनियों को एक समान नजरिए से देखा जा रहा है। ज्यादा लिक्विडिटी की वजह से मजबूत और कमजोर कंपनी के बीच फर्क नहीं किया जा रहा है। आम तौर पर जब मार्केट फंडामेंटल्स की जगह सेंटिमेंट से चलता है तो उसमें बुलबुला बन जाता है। वैल्यूएशन काफी बढ़ जाती है।

ज्यादतर सेक्टर में शेयरों की वैल्यूएशन हाई

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