Garden Reach Shares: इंडियन नेवी के साथ-साथ कॉमर्शियल इस्तेमाल वाली जहाजों को बनाने और मरम्मत करने का काम करने वाली गार्डन रीच शिपबिल्डर्स के शेयर आज धड़ाम से गिर गए। कंपनी ने अपनी अर्निंग्स कॉल में जब खुलासा किया कि दो साल तक इसके रेवेन्यू और प्रॉफिट की ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष के ही समान रहेगी तो निवेशकों ने फटाफट मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। आज बीएसई पर यह 1.52% की गिरावट के साथ ₹2564.05 के भाव (Garden Reach Shipbuilders Share Price) पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 1.92% फिसलकर ₹2553.55 के भाव तक आ गया था। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो 4 मार्च 2025 को यह एक साल के निचले स्तर ₹1180.10 पर था जिससे तीन ही महीने में यह करीब 200% उछलकर 23 जून 2025 को ₹3535.00 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था।
कैसी है Garden Reach Shipbuilders की कारोबारी सेहत?
गार्डन रीच के लिए इस वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2025 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 38% बढ़कर ₹87 करोड़ और रेवेन्यू 30% उछलकर ₹1,010 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो इस दौरान इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट 99% बढ़कर ₹56 करोड़ पर पहुंच गया तो मार्जिन भी 297 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 5.58% पर पहुंच गया।
ऑर्डरबुक को लेकर क्या है स्थिति?
जून 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹21,700 करोड़ था जिसमें 40 मरीन प्लेटफॉर्म के साथ 10 प्रोजेक्ट्स हैं। पिछले साल जून 2024 तिमाही के आखिरी में इसका ऑर्डरबुक ₹22,680 करोड़ का था। गार्डन रीच का कहना है कि अगली पीढ़ी के कॉरवेट प्रोजेक्ट के लिए बातचीत चल रही है और ऑर्डर वैल्यू करीब ₹25000 करोड़ का हो सकता है। कंपनी को इस कॉन्ट्रैक्ट के या तो दिसंबर तिमाही के आखिरी तक या इस वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक मिलने की उम्मीद है। कंपनी का कहना है कि नौसेना और कोस्ट गार्ड अगले 18 महीनों में कई बड़े RFPs (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल्स) जारी कर सकते हैं। नौसेना के P-17 ब्रावो प्रोजेक्ट के लिए RFP की ऑर्डर वैल्यू ₹70,000 करोड़ हो सकती है जिसे दो शिपयार्ड के बीच बांटा जाएगा। मैनेजमेंट के मुताबिक यह आरएफपी इस साल के आखिरी तक जारी हो सकता है।
विस्तार का क्या है प्लान?
गार्डन रीच का इरादा वर्ष 2026 तक अपनी शिपबिल्डिंग कैपेसिटी को मौजूदा 28 शिप्स से बढ़ाकर 32 तक ले जाने की है। जहाजों के मरम्मत की क्षमता को और बढ़ाने के लिए कंपनी कोलकाता में एक और ड्राई डॉक को खरीदने की भी योजना बना रही है। इसके अलावा कंपनी पश्चिम बंगाल में एक ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग फैसिलिटी सेटअप करने की भी योजना बना रही है। साथ ही देश के पश्चिमी या पूर्वी तट पर भी एक ग्रीनफील्ड शिपयार्ड स्थापित करने की योजना है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।