Gensol Engineering Shares: जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयरों में सोमवार को एक बार फिर 5% का लोअर सर्किट लगा और शेयर गिरकर 110.71 रुपये के भाव पर आ गया। पिछले हफ्ते भी इसके शेयरों में कई बार ऐसे ही लोअर सर्किट लगते देखा गया था। इनफैक्ट पिछले 35 कारोबारी दिन में, सिर्फ 3 बार कंपनी के शेयरों में अब तक तेजी आई है। पहली बार 21 फरवरी को, जब यह 2.38 फीसदी बढ़कर बंद हुआ था। दूसरी बार 19 मार्च को, जब इसमें 5% का अपर सर्किट लगा और तीसरी बार 4 अप्रैल को 3.45 फीसदी की तेजी रही। बाकी 32 दिनों में इस शेयर में गिरावट आई और कई मौकों पर यह लोअर सर्किट में बंद हुआ।
जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयरों में हालिया गिरावट मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की कार्रवाई के बाद आई है। SEBI ने जेनसोल इंजीनियरिंग और उसके प्रमोटरों- अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक, दोनों को कंपनी में डायरेक्टर के पद पर बने रहने से रोक दिया गया है। इसके साथ ही, उन्हें शेयर बाजार में किसी भी तरह की डीलिंग (खरीद/बिक्री) करने से भी बैन कर दिया गया है।
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52-वीक हाई से 90% गिरा शेयर
जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयरों का पिछले एक साल का उच्चतम स्तर 1,124.90 रुपये है, जो इसने जून 2024 में छुआ था। इसके बाद से अबतक यह शेयर करीब 90 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। लगातार गिरावट के कारण, इस शेयर को अब 'T' ग्रुप स्टॉक्स में शामिल कर दिया गया है और इसे 'इनहैंस्ड सर्विलांस मेजर (ESM)' के स्टेज 1 के तहत रखा गया है।
'T' ग्रुप और ESM का क्या मतलब है?
'T' ग्रुप स्टॉक्स में इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती। इसमें केवल डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग की जा सकती है। साथ ही BTST और STBT (बाय टूडे सेल टूमॉरो/ सेल टूडे बॉय टूमॉरो) की सुविधा भी नहीं मिलती। इसके अलावा इन शेयरों पर 5% का सर्किट लिमिट लागू होता है। यानी ये शेयर एक दिन में अधिकतम 5 फीसदी तक ही चढ़ या गिर सकते हैं। 5 फीसदी की सीमा को छूने के बाद इनमें कारोबार बंद हो जाता है।
वहीं ESM Stage 1 के तहत, शेयर को ट्रेड-फॉर-ट्रेड मैकेनिज्म में रखा जाता है और T+2 दिन से 100% मार्जिन अनिवार्य होता है।
क्रेडिट रेटिंग में गिरावट बनी टर्निंग पॉइंट
जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयरों में गिरावट का सिलसिला तब शुरू हुआ, जब क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों- ICRA और CARE ने इसकी रेटिंग में कटौती की। इसके बाद निवेशकों में भरोसा कमजोर हुआ और लगातार बिकवाली देखी गई। हालांकि SEBI के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, कंपनी के चेयरमैन और MD अनमोल सिंह जग्गी ने हमारे सहयोगी CNBC-TV18 को बताता कि कंपनी में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई है और प्रमोटर्स अब भी कंपनी के बिजनेस के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
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