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Gensol engineering news: बाजार में रिकवरी के बीच Gensol इंजीनियरिंग 10% टूटा, ये रही वजह

Gensol engineering share : बाजार में आज दिख रही तेजी के बावजूद GENSOL इंजीनियरिंग पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। इस स्टॉक पर ICRA की रेटिंग ने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया है। इसके चलते एनएसई पर यह शेयर फिलहाल 41.30 रुपए यानी 9.99 फीसदी की गिरावट के साथ 372 रुपए के आसपास दिख रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 05, 2025 पर 11:25 AM
Gensol engineering news: बाजार में रिकवरी के बीच Gensol इंजीनियरिंग 10% टूटा, ये रही वजह
ICRA कंपनी की रेटिंग घटाकर ICRA D कर दिया है। 2050 करोड़ रुपए की बैंक फैसिलिटीज को डाउनग्रेड किया गया है। कंपनी ने ICRA के साथ गलत डॉक्यूमेंट्स साझा किया है

Gensol engineering share : 10 दिनों की गिरावट के बाद बाजार में आज अच्छी रिकवरी देखने को मिल रही है। निफ्टी 150 अंक उछलकर 22250 के करीब दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी 200 अंक चढ़ा है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी जोरदार खरीदारी दिख रही है। दोनों सेक्टर इंडेक्स 1.5 फीसदी चढ़े हैं। IT शेयरों में आज जोरदार तेजी है। सेक्टर इंडेक्स 2 फीसदी चढ़ा है। IT में कोफोर्ज, परिस्टेंट, ऑरेकल और BSOFT जैसे मिडकैप शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिल रही है। साथ ही ऑटो, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में भी तेजी है। केमिकल, FMCG और बैंकिंग में भी रौनक है।

बाजार में आज दिख रही तेजी के बावजूद GENSOL इंजीनियरिंग पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। इस स्टॉक पर ICRA की रेटिंग ने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया है। इसके चलते एनएसई पर यह शेयर फिलहाल 41.30 रुपए यानी 9.99 फीसदी की गिरावट के साथ 372 रुपए के आसपास दिख रहा है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 64,402 शेयर के आसपास दिख रहा है। वहीं, मार्केट कैप 1,413 करोड़ रुपए के आसपास दिख रहा है।

GENSOL इंजीनियरिंग पर ICRA रिपोर्ट

ICRA कंपनी की रेटिंग घटाकर ICRA D कर दिया है। 2050 करोड़ रुपए की बैंक फैसिलिटीज को डाउनग्रेड किया गया है। कंपनी ने ICRA के साथ गलत डॉक्यूमेंट्स साझा किया है। फर्जी दस्तावेज के जरिए कमजोर लिक्विडिटी को छुपाया गया है। अगले वित्त वर्ष में 350-400 करोड़ रुपए से ज्यादा का रीपेमेंट शेड्यूल है। कंपनी पर इक्रा की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि GENSOL के प्रोजेक्ट्स पर रिस्क बढ़ा है। EV प्लांट और प्रोजेक्ट एग्जिक्यूशन में रिस्क बढ़ सकता है। ICRA का यह भी कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट्स में देरी से कंपनी पर निगेटिव असर पड़ेगा। BLU स्मॉल मौबिलिटी भी कमजोर है।

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