दिग्गज फार्मा कंपनी ग्लेनमार्क (Glenmark) ने एक जेनेरिक दवा का भाव तय करने वाली प्रक्रिया से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस से एक समझौता किया है। डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की एंट्रीट्रस्ट इकाई ने टेवा फार्मा (Teva Pharma) की अमेरिकी इकाई और ग्लेनमार्क फार्मा (Glenmark Pharma) की अमेरिकी इकाई के खिलाफ एंट्रीट्रस्ट से जुड़े मामलों को हल करने के लिए जो समझौता हुआ था, उस पर रोक लगा दिया है। इसके बाद अब ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स ने अपनी सभी अदालती कार्यवाही के निपटारे के लिए डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के साथ एक समझौता किया है। यह मामला 2013-2015 के बीच जेनेरिक दवा प्रवास्टैटिन (Pravastatin) की कीमतों को तय करने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। कंपनी ने इसकी जानकारी रेगुलेटरी फाइलिंग में दी है।
तीन साल के भीतर चुकाना है 3 करोड़ डॉलर
रेगुलेटरी फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक ग्लेनमार्क फार्मा ने तीन साल के लिए डेफर्ड प्रॉसिक्यूशन एग्रीमेंट किया है। इसकी शर्तों के मुताबिक कंपनी को 3 करोड़ डॉलर चुकाना है। यह छह किश्तों में भरना है। इसके बाद अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस लंबे समय से अटके मामलों को रफा-दफा कर देगा। डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के मुताबिक ग्लेमार्क ने टेवा फार्मा के साथ मिलकर प्रवास्टैटिन (Pravastatin) की कीमत तय करने में हेरफेर की। यह कोलेस्ट्रॉल की दवा है। अब ग्लेनमार्क को 3 करोड़ डॉलर चुकाना है और टेवा को 2.25 करोड़ डॉलर।
दोनों कंपनियां इस बात पर भी सहमत हुई हैं कि वे अपने उस बिजनेस लाइन को बेच देंगी जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्रवास्टैटिन को बनाने में होता है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अगर तीन साल में दोनों कंपनियां शर्तों का पालन करती हैं तो उनके खिलाफ सभी चार्जेज हटा लिए जाएंगे।
Glenmark Pharma के शेयरों पर क्या है असर
ग्लेनमार्क फार्मा के शेयर शुरुआती कारोबार में बीएसई पर 0.94 फीसदी उछलकर 781.90 रुपये पर पहुंच गए। हालांकि फिर इसके शेयरों पर दबाव दिखा और यह फिसल गया। दिन के आखिरी में इसके शेयर बीएसई पर 1.89 फीसदी की गिरावट के साथ 760 रुपये के भाव (Glenmark Pharma Share Price) पर बंद हुए हैं।