पेमेंट टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को लेकर भारत में कितनी संभावनाएं है, इसे लेकर पेटीएम (Paytm) के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा काफी पॉजिटिव हैं। विजय के मुताबिक भारत के पास इस तकनीक, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का नेट एक्सपोर्टर बनने का मौका है। एक्सपोर्ट के अलावा अगर भारत की ही बात करें तो विजय के मुताबिक यहां पेमेंट कंज्यूमर्स की संख्या 50 करोड़ और इस तकनीक का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों की संख्या 10 करोड़ पर पहुंच सकती है। विजय ने ये बातें सालाना रिपोर्ट में शेयरहोल्डर्स को भेजे गए लेटर में कही है। उन्होंने जानकारी दी कि कंपनी ऑर्टिफिशयल जनरल इंटेलीजेंस सॉफ्टवेयर स्टैक में भी निवेश कर रही है।
50 करोड़ भारतीयों तक GDP Growth का फायदा पहुंचाने का लक्ष्य
पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा का कहना है कि देश की इकनॉमिक जीडीपी बढ़ रही है और इसका फायदा वित्तीय सिस्टम के आखिरी छोर पर बैठे शख्स को मिले, यही पेटीएम के लिए सफलता होगी। उन्होंने कहा कि कंपनी ने करीब 50 करोड़ भारतीयों तक जीडीपी ग्रोथ का फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यह काम मोबाइल पेमेंट्स के फीचर से उन्हें जोड़कर होगा और उन्हें लोन, इश्योरेंस जैसी बाकी फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़कर होगा।
Paytm कर रही AI में निवेश
पेटीएम के सीईओ विजयन ने जानकारी दी कि कंपनी ऑर्टिफिशयल जनरल इंटेलीजेंस सॉफ्टवेयर स्टैक में पैसे डाल रही है। इससे वित्तीय संस्थाओं को रिस्क और फ्रॉड को पकड़ने में मदद मिलेगी। इसके अलावा एआई के विकसित होने के चलते जो नए प्रकार के रिस्क सामने आ रहे हैं, उनसे भी बचने में मदद मिलेगी।
लेंडिंग प्लेटफॉर्म बिजनेस के दम पर पेटीएम की सेहत में काफी सुधार दिख रहा है। इसके दम पर कंपनी का घाटा तेजी से कम हुआ है। पेटीएम ने अपने प्लेटफॉर्म करीब 15 हजार करोड़ रुपये के लोन बांटे हैं। इसके अलावा पीओएस डिवाइसेज और साउंडबॉक्सेज के जरिए इसका मर्चेंट सब्सक्रिप्शन भी 80 लाख पर पहुंच गया। साउंडबॉक्स क्यूआर कोड के जरिए यूपीआई पेमेंट होने पर इसका ऐलान करता है। पिछले वित्त वर्ष में इसने करीब 100 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू हासिल किया था।