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Go Digit को ₹170 करोड़ का झटका, नहीं टिक पाई बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली राहत, ये है पूरा मामला

Go Digit News: नए दौर की जनरल इंश्योरेंस कंपनी गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस को बड़ा झटका लगा है जिसका स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर भी असर दिख सकता है। जनरल इंश्योरेंस कंपनी से ₹170 करोड़ की मांग की गई है। जानिए क्या है पूरा मामला, कंपनी को करोड़ों का यह झटका क्यों लगा और अब इसे लेकर कंपनी क्या करने वाली है?

Translated By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 08, 2026 पर 10:34 AM
Go Digit को ₹170 करोड़ का झटका, नहीं टिक पाई बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली राहत, ये है पूरा मामला
Go Digit के शेयरों की घरेलू स्टॉक मार्केट में करीब दो साल पहले 23 मई 2024 को एंट्री हुई थी।

Go Digit News: बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत के बाद जब टैक्स को लेकर फिर से फैसला हुआ तो गो डिजिट को झटका लग गया। ऐसा इसलिए क्योंकि न्यू-ऐज जनरल इंश्योरेंस कंपनी गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस को शनिवार को चेन्नई साउथ कमिश्नरेट के कमिश्नर (जीएसटी एंड सेंट्रल एक्साइज) से करीब ₹170 करोड़ का टैक्स नोटिस मिला है। इसमें ₹15 करोड़ से अधिक की पेनाल्टी शामिल है। इस पर कंपनी को ब्याज भी चुकाना है। अब इसका असर स्टॉक मार्केट खुलने पर कंपनी के शेयरों पर भी दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो शुक्रवार 6 मार्च को बीएसई पर यह 3.23% की बढ़त के साथ ₹334.35 (Go Digit Share Price) पर बंद हुआ था।

Go Digit को किस कारण लगा करोड़ों का झटका?

चेन्नई की टैक्स अथॉरिटी ने गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस को ₹154.80 करोड़ का जीएसटी डिमांट नोटिस भेजा है। इस पर कंपनी को ₹15.48 करोड़ की पेनाल्टी देनी है और साथ ही ब्याज भी चुकाना है। कंपनी को इस आदेश की कॉपी 6 मार्च 2026 को मिली थी। यह मामला जुलाई 2017 से मार्च 2022 के बीच का है। टैक्स अथॉरिटी का यह आदेश मामले की दोबारा सुनवाई (री-एडजुडिकेशन) के बाद जारी आया है।

इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने ₹154.80 करोड़ की जीएसटी डिमांड और ₹15.48 करोड़ के जुर्माने को यानी कुल मिलाकर ₹170.29 करोड़ के आदेश को रद्द कर दिया था। साथ ही हाईकोर्ट ने फैसला लेने वाली अथॉरिटी को निर्देश दिया था कि वह जीएसटी काउंसिल के फैसले और इससे जुड़े सर्कुलर्स के अनुसार मामले में फिर से फैसला ले। नई सुनवाई के बाद कर अथॉरिटी ने कंपनी से ₹154.80 करोड़ के जीएसटी की मांग की है और ₹15.48 करोड़ का जुर्माना मांगा है। इस पर कंपनी को ब्याज भी देना होगा।

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