Gold Prices: सोने की कीमतों में आई तेज उछाल का मंगलवार को गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (Gold ETFs) पर भी साफ असर दिखा। गोल्ड ETFs ने अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को छू लिया। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि सोने की कीमतें मंगलवार को एक बार फिर नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 3% से ज्यादा चढ़कर ₹1,50,360 प्रति 10 ग्राम के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। इसके अलावा, अप्रैल और जून एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 5% की तेजी दर्ज की गई और ये क्रमशः ₹1,58,200 और ₹1,62,299 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। अगस्त एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स भी लगभग 3% बढ़कर ₹1,61,925 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते कीमती धातुओं में यह तेजी फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक बरकरार रही। अमेरिकी कमोडिटी एक्सचेंज पर स्पॉट गोल्ड का भाव 4,700 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया, जो ग्लोबल निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग को दिखाता है।
क्यों बढ़ रहा सोने का भाव?
सोने की कीमतों में मौजूदा उछाल के पीछे मुख्य वजह भू-राजनीतिक तनाव मानी जा रही है। अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बीच ग्रीनलैंड के मुद्दे को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के प्रयासों के तहत आठ यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि अगर ये देश समझौता करने पर राजी नहीं होते हैं, तो 1 जून से टैरिफ बढ़कर 25% हो जाएंगे।
इतना ही नहीं, ट्रंप ने सैन्य विकल्प के इस्तेमाल से भी इनकार नहीं किया, जिससे ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता और बढ़ गई। यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप की मांगों को खारिज कर दिया है और कुछ देशों ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी आर्थिक कदमों की चेतावनी भी दी है। इस माहौल में निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर गोल्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
KCM ट्रेड के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर के हवाले से रॉयटर्स ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में ट्रंप की “डिसरप्टिव” नीति और कम ब्याज दरों की उनकी इच्छा कीमती धातुओं के लिए अनुकूल माहौल बना रही है, जिसका असर सोने और चांदी की तेज रैली में साफ दिखाई देता है।
Gold ETFs में रिकॉर्ड तेजी
सोने की इस रिकॉर्ड तेजी के साथ ही Gold ETFs में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। टाटा गोल्ड ETF करीब 9% उछलकर ₹15.35 के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। चॉइस गोल्ड ETF और LIC MF Gold ETF ने भी करीब 5% की तेजी के साथ नए रिकॉर्ड बनाए।
इसके अलावा जीरोधा गोल्ड ETF और एंजल वन गोल्ड ETF में 4% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। एडलवाइज गोल्ड ETF, बंधन गोल्ड ETF और मिराए एसेट गोल्ड ETF भी करीब 4% चढ़े। यूटीआई गोल्ड ETF, एसबीआई गोल्ड ETF, ग्रो गोल्ड ETF और कोटक गोल्ड ETF में भी लगभग 4% की मजबूती देखने को मिली, जबकि HDFC गोल्ड ETF, ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF और निपॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES जैसे फंड्स 3% से ज्यादा चढ़े।
ब्रोकरेज फर्म HDFC Securities का कहना है कि मौजूदा फंडामेंटल और टेक्निकल सेटअप को देखते हुए सोने और चांदी में लंबी अवधि की तेजी बरकरार रहने की संभावना है। ब्रोकरेज के अनुसार, 2026 में भी कीमती धातुएं निवेशकों को असाधारण रिटर्न दे सकती हैं। हालांकि, HDFC Securities ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर आगामी बजट में सरकार सोने और चांदी पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) में कटौती करती है, तो कीमतों पर शॉर्ट-टर्म में दबाव आ सकता है। यह सोने के लिए एक शॉर्ट-टर्म हेडविंड साबित हो सकता है।
ब्रोकरेज ने SBI Gold ETF और HDFC Gold ETF को अपनी टॉप पिक्स में शामिल किया है। साथ ही निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपने पोर्टफोलियो का कम से कम 10% हिस्सा कीमती धातुओं में आवंटित करें और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे एक्सपोजर बढ़ाएं।
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