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न गोल्ड, न डॉलर… असली पैसा निफ्टी ने बनाया! आ गए पिछले 27 साल के आंकड़े

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 29, 2025 पर 6:44 PM
न गोल्ड, न डॉलर… असली पैसा निफ्टी ने बनाया! आ गए पिछले 27 साल के आंकड़े
Gold vs Nifty vs S&P 500: NSE 500 ने पिछले 27 सालों में सालाना लगभग 12.96% CAGR से रिटर्न दिया है

Gold vs Nifty vs S&P 500: सोना-चांदी, यहां तक कि अमेरिकी शेयर बाजार ने भी इस साल शानदार प्रदर्शन किया है। ऐसे में यह सवाल उठने लग गए हैं कि क्या सच में सोना, शेयर बाजार से बेहतर निवेश बन गया है? क्या डॉलर के मुकाबले भारतीय शेयर बाजार कमजोर साबित हुआ है? और सबसे बड़ा सवाल, क्या लॉन्ग-टर्म में सेंसेक्स और निफ्टी से ज्यादा पैसा गोल्ड में बन सकता हैं? आइए इसे विस्तार से समझते हैं-

दरअसल, साल 2025 में सोने ने ऐसा प्रदर्शन किया है कि शेयर मार्केट के निवेशक भी हैरान रह गए हैं। सोने की कीमतें भारत और विदेश दोनों जगह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 4,500 डॉलर प्रति औंस के करीब है और भारत में MCX पर सोन के भाव 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। सिर्फ इसी साल सोने में करीब 80 फीसदी की जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जबकि निफ्टी 50 का रिटर्न महज 10 फीसदी के आसपास ही रहा। जाहिर सी बात है कि सोने के मुकाबले यह रिटर्न काफी कम है।

यही वजह है कि अब सोशल मीडिया से लेकर निवेशकों तक एक ही चर्चा है कि “क्या शेयर बाजार छोड़कर अब गोल्ड में SIP शुरू कर देनी चाहिए?” इस बहस को और हवा तब मिली जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट सामने आई। इस पोस्ट में कहा गया कि अगर डॉलर के हिसाब से देखा जाए तो गोल्ड ने भारतीय शेयर बाजार को लंबे समय में पीछे छोड़ दिया है।

पोस्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी डॉलर के हिसाब से 1994 में निफ्टी डॉलर के हिसाब से करीब 1,000 के स्तर पर था, जो अब बढ़कर करीब 10,500 तक पहुंचा है। इसका मतलब यह हुआ कि निफ्टी का CAGR इस दौरान करीब 7.8 फीसदी रहा। वहीं इसी अवधि में सोने का भाव 345 डॉलर से बढ़कर 4,550 डॉलर तक पहुंच गया, यानी गोल्ड का CAGR करीब 8.6 फीसदी रहा। इस तुलना के बाद निष्कर्ष यही निकाला गया कि गोल्ड ने लॉन्ग-टर्म रिटर्न देने के मामले में इक्विटी को मात दे दी।

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