सरकार जल्द पेश कर सकती है 'सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड', जानिए निवेशकों को होगा क्या फायदा

यूनिफाइड सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (एसएमसी) को फाइनेंशियल मार्केट्स में रिफॉर्म की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यूनिफाइड SMC लागू होने के बाद चार मौजूदा कानूनों की जगह सिर्फ एक कानून होगा। इससे सिक्योरिटीज मार्केट में ट्रेडिंग देशी और विदेशी निवेशकों के लिए पहले के मुकाबले आसान हो जाएगी

अपडेटेड Oct 11, 2024 पर 1:05 PM
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के यूनियन बजट में एसएमसी का प्रस्ताव पेश किया था।

सरकार जल्द यूनिफाइड सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (एसएमसी) पेश कर सकती है। एसएमसी आने के बाद फाइनेंशियल मार्केट्स से जुड़े चार मौजूदा नियम खत्म हो जाएंगे। इस मसले की जानकारी रखने वाले लोगों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री की सेबी के साथ चर्चा पूरी हो चुकी है। अब इस बिल को तैयार करने पर काम चल रहा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के यूनियन बजट में एसएमसी का प्रस्ताव पेश किया था।

चार मौजूदा कानूनों की जगह सिर्फ एक कानून होगा

इस बारे में जानकारी देने वाले सूत्र ने बताया कि यूनिफाइड SMC लागू होने के बाद चार मौजूदा कानूनों की जगह सिर्फ एक कानून होगा। इससे सिक्योरिटीज मार्केट में ट्रेडिंग देशी और विदेशी निवेशकों के लिए पहले के मुकाबले आसान हो जाएगी। अभी फाइनेंशियल मार्केट्स से जुड़े चार बड़े कानून हैं। इनमें SEBI Act, 1992, Depositories Act, 1996, Securities Contracts (Regulation) Act, 1956 और Government Securities Act, 2007 शामिल हैं।


विधेयक को संसद में पारित कराना होगा

सरकार को एसएमसी से विधेयक पर संसद की मंजूरी लेनी होगी। इस कोड के लागू होने के बाद कानून से जुड़े कई सेक्शंस खत्म हो जाएंगे। मिलतेजुलते की कानूनों का भी वजूद खत्म हो जाएगा। इससे फाइनेंशियल मार्केट्स में इनवेस्टर्स का भरोसा बढ़ेगा। लॉ फर्म सिंघानिया एंड कंपनी के पार्टनर कुणाल शर्मा ने कहा, "एसएमसी कितनी जल्द लागू होता है यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार कितनी जल्द जरूरी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करती है और सेबी कितनी जल्द नए कोड के हिसाब से अपने इनटर्नल मैकेनिज्म में बदलाव करता है।"

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इनवेस्टर्स और मार्केट पार्टिसिपेंट को होंगे ये फायदे

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फाइनेंशियल मार्केट्स के लिए चार कानूनों की जगह सिर्फ एक कानून होने से कानूनी जटिलताएं घटेंगी। बिजनेसेज और इनवेस्टर्स के लिए नियमों के पालन में आसानी होगी। साथ ही फाइनेंशियल मार्केट्स में ऑपरेट करने वाली कंपनियों की कंप्लॉयांस कॉस्ट में भी कमी आएगी। इससे इंडिया के फाइनेंशियल मार्केट्स के कानून अपडेट हो जाएंगे। अभी फाइनेंशियल मार्केट्स से जुड़े कई कानून कई दशकों पुराने हैं। यूनिफाइड एसएमसी मार्केट्स और इनवेस्टर्स दोनों के लिए अच्छा है। लेकिन, इसे किस तरह से लागू किया जाता है, इस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।

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