PSU Stocks Crash: पिछले 3 कारोबारी सत्रों में पीएसयू (Public Sector Undertakings) शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट की वजह से सभी निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है। लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान भारत सरकार को झेलना पड़ा है। शेयरों में गिरावट की वजह सरकार का लंबा चौड़ा विनिवेश लक्ष्य है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में पीएसयू शेयरों में गिरावट से सरकार के लगभग 3.79 लाख करोड़ रुपये डूब गए। पीएसयू शेयरों में सरकार की हिस्सेदारी 30-90 प्रतिशत के बीच है।
बजट 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से 50000 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य की घोषणा की। चालू वित्त वर्ष के केंद्रीय बजट में विनिवेश से रेवेन्यू के लक्ष्य को 51000 करोड़ रुपये से घटाकर 30000 करोड़ रुपये कर दिया गया।
तीन सेशन से PSU स्टॉक्स में लगातार गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति 6.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक कम हो गई। 12 फरवरी को BSE PSU सूचकांक में 23 जनवरी के बाद से सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, इसमें 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले तीन सत्रों में वेल्थ कम करने वाले टॉप शेयरों में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और भारतीय रेलवे वित्त कंपनी (IRFC) शामिल हैं। इसके बाद इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और एनएचपीसी का स्थान रहा।
पीएसयू शेयरों को लगे झटके से जहां इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को लगभग 93590 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को लगभग 45300 करोड़ रुपये की मार झेलनी पड़ी। 1 लाख रुपये तक होल्डिंग्स वाले और 1 लाख रुपये से अधिक तक की होल्डिंग्स वाले दोनों ही तरह के इंडीविजुअल इनवेस्टर्स की संपत्ति में पिछले तीन सत्रों में कुल मिलाकर लगभग 36440 करोड़ रुपये की गिरावट देखी गई।
7 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तहत पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSU) में बढ़ते जनता के विश्वास की प्रशंसा की। राष्ट्रपति के भाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर अपने राज्यसभा संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद से भारत की पीएसयू की नेटवर्थ में 78 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि साल 2014 में जहां पीएसयू की नेटवर्थ 9.5 लाख करोड़ रुपये थी, वह अब बढ़कर 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इतना ही नहीं 2014 के बाद से पीएसयू की संख्या 234 से बढ़कर 254 हो गई है। उनके शेयरों से अनुकूल रिटर्न मिल रहा है।