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1,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में Gravita India, एक्सपैंशन के लिए होगा फंड का इस्तेमाल

लेड और एल्युमीनियम रीसाइक्लिंग कंपनी ग्रैविटा इंडिया 16 दिसंबर को QIP लॉन्च कर सकती है। कंपनी का इरादा क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिये 1,000 करोड़ रुपये जुटाना है। QIP का प्राइस 2,100 रुपये प्रति शेयर होगा। सीएनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक, कंपनी का बोर्ड पहले ही फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है, जिसकी वजह से 7 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचने का प्लान है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 12, 2024 पर 6:47 PM
1,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में Gravita India, एक्सपैंशन के लिए होगा फंड का इस्तेमाल
Gravita India का मार्केट कैपिटल 15,600 करोड़ रुपये है।

लेड और एल्युमीनियम रीसाइक्लिंग कंपनी ग्रेविटा इंडिया (Gravita India) 16 दिसंबर को QIP लॉन्च कर सकती है। कंपनी का इरादा क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिये 1,000 करोड़ रुपये जुटाना है। QIP का प्राइस 2,100 रुपये प्रति शेयर होगा। सीएनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक, कंपनी का बोर्ड पहले ही फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है, जिसकी वजह से 7 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचने का प्लान है।

इस फंड का इस्तेमाल अतिरिक्त कैपिटल एक्सपेंडिचर, विलय और अधिग्रहण, कर्ज में कमी और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। कंपनी के सीईओ योगेश मल्होत्रा ने अक्टूबर में एनालिस्ट्स से बातचीत में कहा था, 'हम दुनिया भर में विलय और अधिग्रहण संबंधी अवसरों की तलाश कर रहे हैं। लिहाजा, हम इसके लिए खुद को तैयार रखना चाहते हैं।' ग्रैविटा इंडिया ने सितंबर में यूरोप की पहली रीसाइक्लिंग यूनिट का अधिग्रहण किया था।

कंपनी लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग पायलट प्रोजेक्ट और पहला रबड़ रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने की राह में आगे बढ़ रही है। ग्रेविटा इंडिया ने बताया कि कंपनी का इरादा वित्त वर्ष 2027 तक अपनी क्षमता को बढ़ाकर 5 लाख मेट्रिक टन से भी ज्यादा करना है। कंपनी के पास 600 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट प्लान है, जिसमें मौजूदा और नए वर्टिकल मसलन लिथियम, रबड़ और स्टील रीसाइक्लिंग के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर शामिल है।

इस मेटल और माइनिंग कंपनी के पास 15,600 करोड़ रुपये का मार्केट कैपिटल है और इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 108 पर्सेंट की बढ़त है। सितंबर तिमाही के आखिर में म्यूचुअल फंडों और इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने अपनी होल्डिंग में बढ़ोतरी की। कंपनी ने दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 11 पर्सेंट की ग्रोथ हासिल की, जबकि सालाना प्रॉफिट ग्रोथ 24 पर्सेंट भी ज्यादा रही।

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