HDFC Bank और HDFC के चलते ढह गया बाजार, इस कारण दोनों शेयरों को बेचने की मची होड़

HDFC Bank और HDFC का विलय होना है और इसे नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। इसे देश के कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा विलय सौदा माना जा रहा है। अब शेयरों की बात करें तो इसी विलय प्रोसेस के चलते आज दोनों के शेयर करीब 6 फीसदी टूट गए और दोनों ही घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स के टॉप लूजर्स रहे

अपडेटेड May 05, 2023 पर 4:15 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
HDFC Bank और HDFC के विलय को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मंजूरी मिल चुकी है। एक्सचेंजों से भी इस विलय की मंजूरी मिल चुकी है। यह देश के कॉरपोरेट इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा विलय होगा।
     
     
    live
    Volume
    Todays L/H
    Details

    HDFC Twins: आज इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में एक फीसदी से अधिक गिरावट रही और इसकी सबसे बड़ी वजह एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और एचडीएफसी (HDFC) में तेज बिकवाली है। दोनों ही इंडेक्सों के टॉप लूजर्स आज एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी रहे। इनमें गिरावट की वजह वैश्विक इंडेक्स तैयार करने वाली MSCI का एक फैसला रहा। एमएससीआई ने इन दोनों के विलय के बाद बनने वाली कंपनी के वेटेज की गणना के लिए एडजस्टमेंट फैक्टर 0.5 रखने का फैसला किया है। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि यह फैक्टर 1 होगा लेकिन अब इसके आधा होने के चलते शेयरों की धड़ाधड़ बिकवाली शुरू हो गई।

    एचडीएफसी का शेयर आज बीएसई पर 5.63 फीसदी टूटकर 2701.15 रुपये (HDFC Share Price) और एचडीएफसी बैंक 5.90 फीसदी फिसलकर 1625.35 रुपये (HDFC Bank Share Price) पर बंद हुए हैं।

    क्या है HDFC और HDFC Bank के एडजस्टमेंट फैक्टर का मामला


    एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक का विलय होना है। अब ऐसे में ग्लोबल इंडेक्स मुहैया कराने वाली मॉर्गेन स्टैनले कैपिटल इंटरनेशनल (MSCI) ने इन दोनों के विलय से बनी कंपनी को एमएससीआई के ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स के लॉर्ज कैप सेगमेंट में रखने का इरादा जताया है। इसे 0.5 के एडजस्टमेंट फैक्टर पर इंडेक्स में शामिल किया जाएगा। यह फैक्टर किसी इंडेक्स में स्टॉक का वेटेज होता है। रिसर्च फर्म नुवामा अल्टरनेटिव रिसर्च के मुताबिक अब इसका असर ये होगा कि मर्जर के बाद एचडीएफसी में कोई खास निवेश नहीं बढ़ेगा लेकिन 15 करोड़-20 करोड़ डॉलर तक की निकासी हो जाएगी।

    Tata Play IPO: टाटा प्ले के आईपीओ को सेबी की मंजूरी, लेकिन इस कारण से बताने को कोई भी डिटेल्स नहीं उपबल्ध, पहली बार हुआ ऐसा

    कब तक पूरा हो सकता है मर्जर

    एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के विलय को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मंजूरी मिल चुकी है। एक्सचेंजों से भी इस विलय की मंजूरी मिल चुकी है। यह देश के कॉरपोरेट इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा विलय होगा। इसमें विलय के बाद बनी कंपनी का एसेट बेस करीब 18 लाख करोड़ रुपये का होगा। यह प्रक्रिया जून या जुलाई 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।

    हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।