तमाम मिड, स्मॉलकैप शेयर अपने 52 वीक हाई से 20-30% नीचे, मोतीलाल ओसवाल से जानिए कहां की जानी चाहिए खरीदारी

मोतीलाल ओसवाल का आगे कहना है कि यदि रूस- यूक्रेन का यह संघर्ष लंबा खिंचता है और लंबे समय तक एनर्जी की प्राइस में तेजी बनी रहती है तो इससे कंपनियों के अर्निंग अनुमान में भी बदलाव करना पड़ सकता है.

अपडेटेड Mar 01, 2022 पर 8:16 PM
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मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि रूस और यूक्रेन के संकट की वजह से भारत ही नहीं पूरी दुनिया के बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव के साथ दबाव देखने को मिल रहा है.

निफ्टी 2021 के अपने शिखर से 10 फीसदी डाउन है। अक्टूबर से अब तक दिग्गजों की तुलना में छोटे-मझोले शेयरो में ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। NSE 500 में शामिल 37 फीसदी स्टॉक अपने 52 वीक हाई से 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। घरेलू ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने अपने हाल में जारी नोट में यह जानकारी दी है।

इस नोट में आगे बताया गया है कि निफ्टी में शामिल 50 फीसदी स्टॉक अपने 10 साल के औसत वैल्यूएशन ने नीचे कारोबार कर रहे हैं जबकि एक तिहाई स्टॉक ऐसे हैं जो अपने 10 साल के औसत वैल्यूएशन से 10 फीसदी प्रीमियम पर नजर आ रहे हैं जो इंडेक्स वैल्यूएशन की दोहरी चाल की ओर संकेत करता है।

मोतीलाल ओसवाल ने अपने कुछ ऐसे पसंदीदा छोटे-मझोले शेयरों की सूची जारी की है जो अपने 52 वीक हाई से 20-30 फीसदी नीचे नजर आ रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल ने हाल के गिरावट में इन शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है। इनमें Canara Bank, Jubilant Food, SAIL, Ashok Leyland, Dalmia Bharat, Zee Entertainment, Whirlpool India, ICICI Securities, GR Infraprojects, Zensar Tech, Mahanagar Gas, Transport Corporation के नाम शामिल हैं।


मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि रूस और यूक्रेन के संकट की वजह से भारत ही नहीं पूरी दुनिया के बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव के साथ दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की आगे की चाल इस घटना से जुड़ी खबरों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा यह संघर्ष कितना लंबा खिंचेगा और यह कितना गहरा सकता है इसको लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

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मोतीलाल ओसवाल का आगे कहना है कि यदि रूस- यूक्रेन का यह संघर्ष लंबा खिंचता है और लंबे समय तक एनर्जी की प्राइस में तेजी बनी रहती है तो इससे कंपनियों के अर्निंग अनुमान में भी बदलाव करना पड़ सकता है। हमारे शेयरों के इस चुनाव में उन स्टॉक्स को महत्तव दिया गया है जिनका आगे का प्रदर्शन मजबूत रहने का अनुमान है और जिनकी प्राइसिंग पावर मजबूत है और हाल के गिरावट में जिनका वैल्यूएशन आकर्षक हो गया है। इनको ध्यान में रखते हुए लॉर्ज कैप कंपनियों पर मोतीलाल ओसवाल की वरीयता बनी हुई है।

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