डाबर इंडिया के प्रमोटर बर्मन फैमिली ने 28 फरवरी को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि उसने Eveready में 26 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए एक ओपन ऑफर रखा है। गौतरलब है कि वर्तमान में Eveready का नियत्रंण खेतान ग्रुप के पास है।
डाबर इंडिया के प्रमोटर बर्मन फैमिली ने 28 फरवरी को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि उसने Eveready में 26 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए एक ओपन ऑफर रखा है। गौतरलब है कि वर्तमान में Eveready का नियत्रंण खेतान ग्रुप के पास है।
यह ओपन ऑफर टेक ओवर नियमों के तहत अनिवार्य ओपन ऑफर है। बता दें कि बर्मन फैमिली ने 122.30 करोड़ रुपये के निवेश से Eveready Industries में 5.26 फीसदी की अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। जिससे Eveready Industries में उनकी कुल हिस्सेदारी 25.11 फीसदी हो गई है। बर्मन फैमिली Eveready Industrie की अकेली सबसे बड़ी निवेशक भी बनगई है।
सेबी के नियमों के मुताबिक अगर अधिग्रहण करने वाली कंपनी की हिस्सेदारी 25 फीसदी से ज्यादा हो सकता है तो ओपन ऑफर लेकर आना होता है। अगर इस तरह का कोई ओपन ऑफर ट्रिगर होता है तो अधिग्रहण करने वाली कंपनी को पब्लिक शेयर धारकों से कम से कम 26 फीसदी अतिरिक्त शेयर खरीदने का ऑफर रखना होता है और यह ऑफर लगभग बाजार भाव पर रखा जाता है। इस 5.26 फीसदी के अतिरिक्त हिस्सेदारी के बाद बर्मन फैमिली को अतिरिक्त 1.89 करोड़ शेयर या 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए कुल 604.76 करोड़ रुपये का ओपन ऑफर रखना होगा। इसके तहत बर्मन फैमिली 320 रुपये प्रति शेयर के भाव पर इन शेयरों की खरीदारी करेगी।
बता दें कि Eveready में बर्मन फैमिली द्वारा किया जाने वाला यह अधिग्रहण Puran Associates Pvt Ltd, VIC Enterprises Pvt Ltd, MB Finmart Pvt Ltd, Gyan Enterprises Pvt Ltd और Chowdry Associates के जरिए किया जाएगा। ये सभी कंपनियां बर्मन फेमिली के सदस्यों के मालिकाना हक वाली है। इस ऑफर के लिए JM Financial Ltd को लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।
दिसंबर तिमाही के शेयर होल्डिंग पैटर्न के मुताबिक Puran Associates Pvt Ltd की 5.24 फीसदी, VIC Enterprises Pvt Ltd की 4.95 फीसदी, MB Finmart Pvt Ltd की 6.2 फीसदी, Gyan Enterprises Pvt Ltd की 1.95 फीसदी, Gladiator Vyapaar Pvt Ltd की 3.11 फीसदी और Chowdry Associates owns की 1.51 फीसदी हिस्सेदारी है।
गौरतलब है कि Eveready में पिछले 2 साल के दौरान खेतान फैमिली की हिस्सेदारी 44.1 फीसदी से घटकर 4.84 फीसदी पर आ गई है। बता दें कि प्रमोटर ग्रुप के भुगतान में डिफॉल्ट करने के बाद लेंडरों ने उनके पास रखें गिरवी शेयरों को बेच दिया है जिसके चलते कंपनी में खेतान फैमिली के हिस्सेदारी में इतनी भारी गिरावट देखने को मिली है। प्रमोटर ने लोन लेने और लोन के भुगतान के लिए यह शेयर गिरवी रखे थे।
पिछले कुछ सालों से Eveready भारी कर्ज की समस्या से जुझ रही है और इस समस्या से निपटने के लिए वह अपने कुछ संपत्तियों को बेचने की कोशिश कर रही है। हाल ही में इस बैटरी बनाने वाली कंपनी ने अपने घाटे में चल रहे चाय कारोबार की बिक्री की है साथ ही चेन्नई और हैदराबाद स्थिति अपनी कुछ जमीन को भी बेचा है और इससे मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज घटाने में किया है।
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