सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra (BoM) ने गुरुवार को कहा कि उसने बेसल III कॉम्प्लियांट बॉन्ड्स (Basel III compliant bonds) जारी करके 290 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बैंक ने एक बयान में कहा कि बैंक ने बुधवार को 8.75 प्रतिशत की कूपन दर पर 40 करोड़ रुपये के ग्रीन शू ऑप्शन (green shoe option) सहित 290 करोड़ रुपये के Basel III compliant additional tier 1 (AT1) bonds जारी किए हैं।
BoM ने कहा, "इस इश्यू को निवेशकों से भारी प्रतिक्रिया मिली, जिसमें 250 करोड़ रुपये के बेस इश्यू साइज के मुकाबले 1,055 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं, जो निवेशकों के बैंक पर भरोसे का सूचक है।"
पुणे स्थित बैंक ने कहा कि AT1 बांड के माध्यम से जुटाई गई 290 करोड़ रुपये की पूंजी बैंक के बिजनेस को बढ़ाने में उपयोग की जायेगी।
बैंक ने कहा कि AT1 इंस्ट्रूमेंट पांच साल के बाद कॉल ऑप्शन के साथ स्थायी या बेमियादी है।
परपेचुअल बॉन्ड की कोई परिपक्वता तिथि (maturity date) नहीं होती है, इसलिए उन्हें इक्विटी के रूप में माना जा सकता है, कर्ज के रूप में नहीं।
बैंक को Acuite और Infomerics रेटिंग एजेंसियों से AT1 बांड के लिए AA (स्टेबल) की क्रेडिट रेटिंग मिली है।
Basel-III capital regulations का अनुपालन करने के लिए, वैश्विक स्तर पर बैंकों को अपनी कैपिटल प्लानिंग प्रक्रियाओं में सुधार और उसे मजबूत करना होता है।
इन मानदंडों को एसेट गुणवत्ता पर संभावित स्ट्रेस और बैंकों के परफॉर्मेंस और प्रॉफिटेबिलिटी पर परिणामी प्रभाव पर चिंताओं को कम करने के लिए लागू किया जा रहा है।
भारतीय बैंकिंग प्रणाली में 1 अप्रैल 2013 से Basel III standards को चरणों में लागू किये जा रहे हैं।