
वित्त वर्ष 2022-23 की अप्रैल -जून तिमाही (पहली तिमाही) में बैंकिंग सेक्टर के नतीजे अच्छे रहने की संभावना है। इस अवधि में बैंकों को लोन ग्रोथ में आ रही तेजी, मार्जिन में मजबूती और लो फंडिंग कॉस्ट का फायदा मिलता दिखेगा। पिछले तिमाही के विपरीत पहली तिमाही में कोर इंटरेस्ट इनकम बैंकों के मुनाफे की मजबूती में अहम भूमिका निभाएगा।
एनालिस्ट का मानना है कि बड़े बैंकों के कोर इनकम में सुधार देखने को मिलेगा। State Bank of India,ICICI Bank और HDFC Bank जैसे बड़े बैंकों के निम्न लागत वाले करेंट और सेविंग अकाउंट (CASA) डिपॉजिट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी।
जानकारों का यह भी कहना है कि CASA डिपॉजिट बैंकों के फंड लागत को बढ़ती ब्याज दरों के दर में भी कम बनाए रखेगी। क्योंकि बैंक, लेंडिग रेट में बढ़ोतरी करके पॉलिसी रेट में आई बढ़ोतरी के असर को कर्जदारों पर पासऑन कर सकेंगे।
Kotak Institutional Equities ने हाल में आए अपने एक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले कुछ तिमाहियों के दौरान अधिकांश बैंकों के CASA रेशियो में सुधार देखने को मिला है। इसके साथ ही इनके डिपॉजिट में भी जोरदार तेजी आती दिखी। लेकिन सिस्टमेटिक एक्सेस लिक्विडिटी के क्रमश: घटने के साथ ही ट्रेंड में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है।
एनालिस्ट का यह भी मानना है कि लोन में डबल डिजिट की ग्रोथ और मार्जिन में मजबूती से पहली तिमाही में बैंकिंग सेक्टर के नेट इंटरेस्ट इनकम में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। जानकारों का कहना है कि बैंकों के लिए एसेट क्वालिटी के नजरिए से भी पहली तिमाही सबसे बेहतर तिमाहियों से एक रहेगी।
बाजार जानकारों का मानना है कि पहली तिमाही में सरकारी बैंकों की एसेट क्वालिटी में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों के दौरान बाजार में सुस्ती के बावजूद पीएसयू बैंकों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। State Bank of India, Bank of Baroda और Canara Bank के नतीजों में पहली तिमाही में कई मानकों पर मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
प्राइवेट बैंकों की बात करें तो पहली तिमाही के नतीजों के नजरिए से HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank अधिकांश एनालिस्ट की फेवरेट लिस्ट में शामिल हैं। एनालिस्ट का मानना है कि हायर CASA डिपॉजिट की वजह इन तीनों बैंक की फंड लागत में काफी कमी देखने को मिलेगी जिसके चलते यह अपने दूसरे पीयर्स की तुलना में बेहतर स्थिति में नजर आएंगे। इन तीनों बैंकों की लोन ग्रोथ दर भी इंडस्ट्री लेवल से ज्यादा रही है। जिससे इनके कोर इनकम में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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