29 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में बाजार 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ है। US Fed की तरफ से ब्याज दर में उम्मीद के मुताबिक हुई बढ़त और पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के चलते बाजार का सेंटीमेंट सुधरता दिखा है। पिछले हफ्ते Sensex 1498.02 अंक यानी 2.67 फीसदी की बढ़त के साथ 57570.25 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 438.85 अंक यानी 2.62 फीसदी की बढ़त के साथ 17158.3 के स्तर पर बंद हुआ। जुलाई महीने में Sensex-Nifty में 8.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
Mehta Equities के प्रशांत तापसे का कहना है कि शुक्रवार 29 जुलाई की सबसे बड़ी पॉजिटिव बात यह रही कि निफ्टी अपने 200-DMA के ऊपर बंद हुआ है। तमाम मोमेंटम स्टॉक भी अच्छा करते नजर आए और अंत में निफ्टी ने जुलाई महीने की समाप्ति 8.73 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ की है।
अब सोमवार 1 अगस्त से शुरू होने वाला हफ्ता बाजार के लिए कैसा रह सकता है इस पर बात करते हुए Sharekhan के गौरव रत्नपारखी का कहना है कि पिछले कारोबारी निफ्टी 17000 के अपने मनोवैज्ञानिक लेवल से ऊपर बंद हुआ। तकनीकी नजरिए से देखें तो इसने अप्रैल-जून की अवधि में आई गिरावट के 61.8 फीसदी हिस्से की भरपाई कर ली है और अपने 200DMA को एक बार फिर पार कर लिया है। अब जब तक निफ्टी 17000 के ऊपर टिका रहेगा तब तक इसमें और तेजी की संभावना कामय रहेगी और शॉर्ट टर्म में यह 17300 का स्तर छूता नजर आएगा।
Religare Broking के अजीत मिश्रा का कहना है कि 16800 पर स्थित जून के हाई का अहम पड़ाव पार कर चुका है। अब हमारी नजर 17400 के लक्ष्य पर लगी हुई है। बाजार भागीदारों को इसी के मुताबिक अपनी पोजीशन तय करनी चाहिए और गिरावट पर खऱीदारी की रणनीति पर कायम रहना चाहिए। बाजार की तेजी में सभी सेक्टर भागीदारी कर रहे हैं ऐसे में हमें पिटे शेयरों में टर्नएराउंड वाले शेयरों को खोजने की जगह टॉप परफार्मरों पर नजर रखनी चाहिए। इस समय ऑटो, एफएमसीजी, बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयर अच्छे नजर आ रहे हैं। हमें इन्ही सेक्टरों से अपने चुनाव करने चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि तमाम बड़े इवेंट के पीछे जाने के साथ ही अब बाजार का फोकस कंपनियों के नतीजे और ऑटो सेल्स, PMI नंबर और जीएसटी कलेक्शन जैसे हाई फ्रिक्वेंसी डेटा पर रहेगा।
LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में मजबूती कायम है। इसमें पिछले कारोबारी दिन लगातार तीसरे दिन बढ़त देखने को मिली। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। जो पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। RSI में बढ़त के साथ बुलिश क्रॉसओवर देखने को मिल रहा है। ऐसे में बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड पॉजिटिव नजर आ रहा है। निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 16,800-16,775 पर सपोर्ट है जबकि ऊपर की तरफ 17400 पर रजिस्टेंस नजर आ रहा है।
5paisa.com के रुचित जैन का कहना है कि निफ्टी के लिए नीयर टर्म अब सपोर्ट बेस ऊपर की तरफ 16930 के आसपास आ गया है। वहीं, मीडियम टर्म सपोर्ट ऊपर की तरफ 16550 और 16420 की तरफ आ गया है। शॉर्ट टर्म के लिए अकेली परेशानी मोमेंटम रीडिंग के एक बार फिर ओवरबॉट जोन में जाना है। हालांकि अक्सर देखने को मिलता है कि मजबूत अपट्रेंड के दौर में भी जब तक कोई डाइवर्जेंस नहीं आता तब तक खरीदारी होती रहती है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 17300-17400 पर बाधा नजर आ रही है। इन लेवलों के आसपास पहुचनें पर मुनाफा वसूली की जा सकती है। सोमवार 1 अगस्त से शुरू होने वाले हफ्ते में चुनिंदा शेयरों पर दांव लगाने और ऊपरी स्तरों पर मुनाफा वसूली करने की रणनीति ट्रेडरों के लिए बेहतर रणनीति होगी।
Angel One के समीत चव्हाण का कहना है कि निफ्टी में आगे कुछ कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। लेकिन ब्रॉडर मार्केट का अंडरटोन बुलिश बना रहेगा। सोमवार 1 अगस्त से शुरू होने वाले हफ्ते के लिए 17380 और उसके बाद 17450 का स्तर काफी अहम होगा। ग्लोबल संकेत भी कुछ अच्छे नजर आ रहे हैं। लेकिन ऐसे में ट्रेडरों को लापरवाह नहीं होना चाहिए। अपनी वर्तमान पोजीशनों में हायर लेवलों पर मुनाफा वसूली करते रहें और अच्छी संभावना वाले शेयरों पर नजर बनाएं रखें। निफ्टी MIDCAP50 इंडेक्स अपने 200-SMA को पार कर चुका है। बीते हफ्ते कुछ मिडकैप शेयरों से अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में कैश सेगमेंट के कुछ अच्छे शेयरों को भी रडार पर रखना चाहिए।
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