क्रेडिट सुइस वेल्थ मैनेजमेंट (Credit Suisse Wealth Management) में इंडिया इक्विटी रिसर्च हेड जितेंद्र गोहिल (Jitendra Gohil)ने बाजार की आगे की दशा-दिशा और चाल पर मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें लगता है कि अगले कुछ महीनों तक भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। उनकी राय है कि इस समय बाजार में सेक्टर रोटेशन और बॉटम-अप स्टॉक पिकिंग सबसे अच्छी निवेश रणनीति लग रही है।
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि क्रेडिट सुइस संरचनात्मक रूप से डिफेंस, केमिकल और एपीआई (active pharmaceutical ingredient) शेयरों पर बुलिश है। उनका ये भी मानना है कि मध्यम से लंबी अवधि के लिए निवेशकों को अब रियल एस्टेट कंपनियों की ओर भी रुख करना चाहिए क्योंकि RBI की दर वृद्धि के बावजूद रियल स्टेट की मांग में ठोस बढ़त आने की उम्मीद है।
जितेंद्र गोहिल का कहना कि धीमी पड़ती ग्लोबल ग्रोथ और बढ़ती ब्याज दरों के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं और यह निश्चित रूप से भारत के लिए चिंता का विषय है। अगर तेल की कीमतों में 10-15 फीसदी की और बढ़ोतरी होती है तो भारत में बिकवाली का एक और दौर देखने को मिल सकता है। दूसरे, भारतीय इक्विटी बाजार वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2024 के लिए 15 प्रतिशत सालाना की वृद्धि दर का अनुमान लगाकर चल रहा है।
किन सेक्टरों पर है उनकी नजर इस सवाल का जवाब देते हुए जितेंद्र गोहिल ने कहा कि लंबी अवधि के नजरिए से वे भारत में इंफ्रा और हाउसिंग सेक्टर पर बुलिश हैं। इंफ्रा और हाउसिंग सेक्टर में तेजी से सीमेंट सेक्टर को भी फायदा मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हमने कुछ महीने पहले अपने निवेशकों को आईटी क्षेत्र से बाहर निकलने या मुनाफावसूली करने की सलाह दी है। अब हम एफएमसीजी पर पॉजिटिव हो गए हैं। ये सेक्टर बहुत सारी खराब खबरें पचा कर आगे की तेजी के लिए तैयार नजर आ रहा है।
इसके अलावा हमको अब कुछ चुनिंदा डिस्क्रीशनरी कंपनियां भी पसंद आ रही है जिनमें ऑटो भी शामिल है। हमें लगता है कि ऑटो सेक्टर में अब हमें सप्लाई से जुड़ी परेशानी खत्म होती दिखेगी और अगली कुछ तिमाहियों में ऑटो कंपनियों पर लागत का दबाव भी कम हो जाएगा। इन सबके अलावा हमको मल्टीप्लेक्स और स्टाफिंग जैसे सेक्टरों के स्टॉक भी पसंद आ रहे हैं। कोविड-19 की वजह से लगाए गए प्रतिबंधों को हटने से इन शेयरों को फायदा होगा। ये स्टॉक हमें मीडियम से लॉन्ग टर्म नजरिए से अच्छे नजर आ रहे हैं।
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