ट्रेडरों और सट्टेबाजों के दूर रहने के चलते इल्लिक्विड स्टॉक (illiquid stocks) आम तौर पर ट्रेडिंग के लिए मुश्किल होते हैं। इस तरह के स्टॉक्स में आपको ऐसी काउंटर पार्टी ढूढंने में मुश्किल होती है जो सही ऑफर पर ट्रेड करने के लिए तैयार हो। इससे इस तरह के स्टॉक ज्यादा वोलेटाइल तो होते ही हैं साथ ही आप इन स्टॉक को अपने भाव पर बेचने या खरीदने में मुश्किल का सामना करते हैं। इसके अलावा इल्क्विड स्टॉक में ट्रेडिंग करने से आपका ट्रांजेक्शन लागत भी बढ़ जाता। इस तरह के निवेश में आम तौर पर हायर फिक्सड कॉस्ट चुकानी होती है। हालांकि इन परेशानियों के बावजूद इल्क्विड स्टॉक इस बीच काफी पॉपुलर होते नजर आए हैं।
मिंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक बड़े पेशन फंडों से लेकर इंडिविजुअल रिटेल निवेशकों तक अब तमाम लोग इस तरह के शेयर में निवेश कर रहे हैं। इसकी कई वजहे हैं और इसमें सबसे बड़ी वजह यह है कि इनमें काफी ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। इसके अलावा आप इनके संभावित डायवर्सीफिकेशन से भी फायदा हासिल कर सकते हैं। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हम आपके सामने 3 ऐसे इल्क्विड स्टॉक पेश कर रहे हैं जो कर्ज मुक्त हैं और फंडामेंटली काफी मजबूत हैं। आगे ये स्टॉक एक अच्छा निवेश साबित हो सकते हैं।
आइए डालते हैं इन पर एक नजर
3M India- यह अमेरिकी कंपनी 3M कंपनी की डायरेक्ट सब्सिडियरी है। यह एक टेक्नोसाइंस कंपनी है जो हेल्थकेयर, कंज्यूमर, ट्रांसपोर्टेशन , सेफ्टी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एनर्जी सेक्टर से जुड़ी सेवाएं देती है। कंपनी के मुनाफे में काफी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले 7 साल के दौरान कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 28 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले 7 साल में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को जबरदस्त कमाई कराई है। इन 7 सालों में यह स्टॉक 5 बार मल्टीप्लाई हुआ है। इस स्टॉक में दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की भी होल्डिंग है।
Kirloskar Pneumatic Company- Kirloskar Pneumatic किर्लोस्कर ग्रुप का ही एक हिस्सा है। इसके उत्पाद की लिस्ट बहुत लंबी है। जिसमें एयर कम्प्रेशर, एयर कंडीशनर , रेफ्रिजरेशन सिस्टम, प्रोसेस गैस सिस्टम, वेपर एब्जॉर्बशन सिस्टम और इंडस्ट्रियल गियर बॉक्स जैसे सिस्टम भी शामिल हैं। कंपनी 60 साल से ज्यादा की अवधि से कारोबार कर रही है। अब यह ऑयल एंड गैस , स्टील, सीमेंट , डिफेंस और रेलवे सेक्टर में भी पांव पसार रही है। पिछले 10 साल में यह शेयर 4 गुना हो गया है। कंपनी का अपने शेयर धारकों को डिविडेंड देना का रिकॉर्ड भी काफी अच्छा है। पिछले 5 साल में इसका एवरेज डिविडेंड यील्ड करीब 0.9 फीसदी रहा है । कंपनी की बैलेंसशीट काफी मजबूत है।
Swaraj Engines- यह एमएंडएम एक कैप्टिव यूनिट है। कंपनी में एमएंडएम की 34 फीसदी हिस्सेदारी है। यह एमएंडएम के ट्रैक्टरों के लिए डीजल इंजन बनाती है। पिछले 10 साल के दौरान कंपनी के आय और मुनाफे में सालाना आधार पर 9 और 8 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
वर्तमान में यह स्टॉक 15.8 गुने के PE पर ट्रेड कर रहा है जो कि इसके 10 साल के 20.3 गुना के मेडन पीई और इंडस्ट्री के 44 गुना PE से काफी कम है। कंपनी स्वराज इंजन का पिछले 10 साल का औसत इक्विटी ओन रिटर्न करीब 10 फीसदी रहा है और पिछले 5 साल में इसका औसत डिविडेंड यील्ड 3.6 फीसदी रहा है। इन सब के साथ इसकी मजबूत बैलेंस शीट इस स्टॉक को निवेश का जोरदार विकल्प बनाता है।
क्या इल्लिक्विड स्टॉक्स में करना चाहिए निवेश
मजबूत फंडामेंटल वाले इल्क्विड स्टॉक अच्छे निवेश विकल्प हो सकते हैं लेकिन आपके लिए इनके साथ जुड़े जोखिमों को भी समझना जरुरी है। किसी भी निवेश के लिए पोर्टफोलियों की लिक्विडिटी एक अहम सिद्धांत है। अपने स्टॉक को आसानी से कैश में बदलने की सुविधा को कभी भी नकारा नहीं जा सकता है। ऐसे में हम हायर रिटर्न के नाम पर लिक्विडिटी की उपेक्षा नहीं कर सकते क्योंकि हमें यह नहीं पता कि कब हमें एका एक कैश की जरुरत पड़ जाएगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही इस तरह के शेयरों में निवेश करें।
Equitymaster.com से साभार अनुवादित