1 सितंबर यानी आज के शुरुआती कारोबार में भारत की फ्यूल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों में करीब 3 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। बता दें कि सरकार ने डीजल के एक्सपोर्ट पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स को बढ़ाकर करीब दोगुना कर दिया है। इसी तरह एविएशन फ्यूल पर लागू लेवी में भी बढ़ोतरी कर दी है। जानकारों का मानना है कि सरकार के इस कदम से इन कंपनियों के मुनाफे में गिरावट होगी।
आज सुबह के कारोबार में ONGC में 2.2 फीसदी, , Reliance Industries Ltd में 1.5 फीसदी, Chennai Petroleum Corp में 3.3 फीसदी, Mangalore Refinery & Petrochemicals में 1.5 फीसदी और Oil India में 0.5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। HPCL और BPCL करीब 1 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आ रहे है।
बतातें चलें कि सरकार ने डीजल के एक्सपोर्ट पर लागू विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स को 7 रुपये से बढ़ाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है जबकि जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर 9 रुपये प्रति लीटर टैक्स देना होगा। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर निकाले जाने वाले क्रूड ऑयल पर भी लेवी 300 रुपये प्रति टन बढ़ाकर 13,300 रुपये प्रति टन कर दी गई है। यह बढ़ोतरी 1 सितंबर से प्रभावी हो गई है।
सरकार विंडफॉल टैक्स की हर 15 दिन में समीक्षा कर रही है। वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस तरह की चौथी समीक्षा में सरकार ने डीजल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स 7 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर यह टैक्स 2 रुपये से बढ़ाकर 9 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
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