सीएनबीसी-आवाज़ के स्पेशल शो नो योर कंपनी में Zerodha & True Beacon के को-फाउंडर निखिल कामत ने आज खास बातचीत की। इस बातचीत में निखिल ने वर्तमान बाजार में कारोबार मे सुस्ती, रिटेल निवेशकों की भागादीर के बारे में खुलकर बात की। नये निवेशक बाजार में कब आकर्षित होते हैं, महंगाई का आगे क्या हाल रहेगा, इस पर भी निखिल कामत ने अपनी राय रखी। बता दें कि Zerodha देश का सबसे बड़ा ब्रोकिंग हाउस है। इन्होंने बड़ी तेज रफ्तार से काम किया है और बड़ी संख्या में अपने साथ निवेशकों और ट्रेडर्स को जोड़ा है।
बाजार में निवेशक घटे या फिर बढ़ी है भागीदारी
Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामत ने इस सवाल के जवाब में कहा कि फिलहाल AMC, ब्रोकिंग, MF जैसे कारोबार में सुस्ती देखने को मिल रही है। हमारा मानना है कि अगली तिमाह में भी कारोबार सुस्त रहने की आशंका है। हालांकि रिटेल निवेशकों का भरोसा घटा है, ऐसा कहना अभी सही नहीं होगी। फिलहाल बाजार में रिटेल निवेशक करीब 8-9% हैं।
कैसा रहेगा भारतीय बाजार और महंगाई की कैसी रहेगी चाल
निखिल ने कहा कि भारतीय बाजारों का प्रदर्शन दुनिया के दूसरे मार्केट से अच्छा रहा है। हालांकि FIIs की बिकवाली की भरपाई रिटेल से नहीं हो सकती है। वहीं दुनिया भर में फंड की लागत बढ़ी है। महंगाई पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि महंगाई की वजह से ही मार्केट से पैसा निकला है। वैसे फिलहाल महंगाई से छूटकारा मिलता नहीं दिख रहा है।
बाजार में कैसे आकर्षित होते हैं निवेशक
इस सवाल पर अपनी राय व्यक्त करते हुए Zerodha के निखिल कामत ने कहा कि भारतीय बाजारों में बुल रन के दौरान ज्यादा निवेशक बाजार में आते हैं। वैसे भी भारत में बहुत कम लोग इक्विटी मार्केट से जुड़े हुए हैं। भारत की आबादी का सिर्फ 2% हिस्सा बाजार से जुड़ा है।
वर्तमान बाजार में निवेशकों के लिए क्या है आपकी सलाह
वर्तमान बाजार में निवेशकों के लिए अपनी सलाह देते हुए कामत ने कहा कि इस समय जैसा बाजार नजर आ रहा है उस लिहाज से निवेशक को लालच से बचना चाहिए। उन्हें 1 साल या 6 महीनें पैसा डबल होने की लालच से निवेश नहीं करना चाहिए। निवेशकों को 15% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद से निवेश करना चाहिए। बाजार में पैसा तुरंत डबल होगा, ऐसा सोचकर नहीं आना चाहिए। हमारा मानना है कि 15% तक रिटर्न की उम्मीद के साथ बाजार में आना बेहतर रणनीति है।
रुपये की गिरावट पर बोलते हुए निखिल कामत ने कहा कि रुपए में सालाना 3-4% की गिरावट से ज्यादा चिंता नजर आ रही है। वैसे इस समय डॉलर सेफ हेवेन के तौर पर उभरा है। उन्होंने AIFs में निवेश के पसंदीदा शेयरों के बारे में कहा कि AIFs में लार्जकैप शेयरों पर हमारा फोकस रहता है।
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