एबरडीन असेट्स मैनेजमेंट (Aberdeen Asset Management) के मैनेजिंग डायरेक्ट एशिया ह्यू यंग (Hugh Young) ने सीएनबीसी टीवी -18 के साथ हुए बातचीत में कहा है कि भारतीय बाजार ने दुनिया के दूसरे बाजारों की तुलना में जिस तरह की मजबूती दिखाई है। उससे इस बात की संभावनाएं नहीं लगती है कि वर्तमान लेवल से भारतीय बाजारों में कोई बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।
फेडरल रिजर्व द्वारा बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना और पूर्वी यूरोप में यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के चलते 2022 में अब तक भारतीय बाजार में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। इसके बावजूद भारतीय इक्विटी मार्केट में अमेरिका, फ्रांस, जापान और चीन के बाजारों की तुलना में कम गिरावट देखने को मिली है।
CNBC-TV18 को आज दिए गए अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारतीय इक्विटी बाजारों ने शेष दुनिया के बाजारों से बेहतर प्रदर्शन किया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम बिना इधर-उधर देखे भारतीय बाजारों में गोता लगा देंगे। हमारी नजर ऐसे क्वालिट स्टॉक्स पर रहेगी जो सस्ते वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं।
इमर्जिंग बाजारों में निवेश का व्यापक अनुभव रखने वाले ह्यू यंग ने कहा कि भारत और शेष एशिया की कंपनियों के वास्तविक फंडामेंटल मजबूती दिखा रहा है लेकिन यूक्रेन संकट जैसी मैक्रो इकोनॉमी अनिश्चितताओं ने वैल्यूएशन में गिरावट लाई।
ह्यू यंग ने इस बातचीत में आगे कहा कि अगले साल के लिए भी भारत में कंपनियों का अर्निंग आउटलुक काफी अच्छा नजर आ रहा है। 2022-23 की अवधि में निफ्टी 50 कंपनियों की आय में 19 फीसदी की दर से बढ़त आती दिख सकती है।
ह्यू यंग ने अपने पसंदीदा स्टॉक्स की बात करते हुए कहा कि ICICI Bank उनके पसंदीदा स्टॉक्स में है। ICICI Bank अपने समकक्ष बैंकों Kotak Mahindra Bank और HDFC Bank से बेहतर प्रदर्शन किया है। आईटी स्टॉक्स पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय आईटी स्टॉक ना तो सस्ते नजर आ रहे है और ना ही महंगे नजर आ रहे हैं।
इस बातचीत में ह्यू यंग ने इस बात का भी खुलासा किया है कि एबरडीन के पोर्टफोलियो मे शामिल खपत वाले शेयरों नें पिछले 1 साल में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। इसकी वजह हाई वैल्यूएशन और ग्रोथ में संभावित मंदी हो सकती है।