NSE F&O ban : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) ने बुधवार, 23 मार्च, 2022 को फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के तहत कुछ पांच शेयरों की ट्रेडिंग पर बैन लगा दिया है। एनएसई (NSE) ने कहा कि इन सिक्योरिटीज की मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट (MWPL) 95 फीसदी के पार चली गई है, जिसके चलते इन्हें F&O सेगमेंट में बैन के तहत डाल दिया गया है।
इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, बलरामपुर चीनी और डेल्टा कॉर्प एफएंडओ बैन लिस्ट (F&O ban list) में बने हुए हैं, जबकि सन टीवी और GNFC (गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स) को स्टॉक एक्सचेंज ने आज स्टॉक बैन लिस्ट (stock ban list) में डाल दिया है। NSE रोजाना बैन से जुड़ी सिक्योरिटीज की लिस्ट को अपडेट करता है।
एनएसई (NSE) के मुताबिक, सिक्योरिटीज में एफएंडओ सेगमेंट (F&O segment) के तहत ट्रेडिंग पर उस स्थिति में रोक लगाई जाती है, जब उनकी मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट (MWPL) 95 फीसदी के पार चली जाती है।
पोजिशन बढ़ाने पर होगी कार्रवाई
एनएसई (NSE) ने कहा, “बताया जाता है कि सभी क्लाइंट्स/ मेंबर्स संबंधित सिक्योरिटीज में अपनी पोजिशन घटाने के लिए ही डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेड करेंगे। ओपन पोजिशन में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी पर दंडात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
जब कोई स्टॉक एफएंडओ बैन पीरियड में होता है तो किसी एफएंडओ कॉन्ट्रैक्ट्स में नई पोजिशन के लिए अनुमति नहीं होती है। मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट (MWPL) स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा तय की जाती है जो किसी भी समय अधिकतम संख्या में ओपन कॉन्ट्रैक्ट्स (ओपन इंटरेस्ट) की संख्या है। इसलिए, यदि किसी स्टॉक में ओपन इंटरेस्ट एमडब्ल्यूपीएल का 95 फीसदी से ज्यादा हो जाता है तो स्टॉक में एफएंडओ कॉन्ट्रैक्ट्स बैन पीरियड में प्रवेश कर जाते हैं।