TCS : अगर खराब है आउटलुक तो आप क्यों हैं इतने पॉजिटिव? CEO Rajesh Gopinathan ने दिया यह जवाब

TCS के CEO ने कहा, कंपनी वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी किसी भी बाधा के बीच से अपने लिए रास्ता बना सकती है और वह अपनी सेवाओं के लिए दीर्घकालिक मांग को भुनाना चाहती है। TCS ने इस दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर की बिक्री हासिल करने का लक्ष्य तय किया है

अपडेटेड Apr 18, 2022 पर 1:36 PM
Story continues below Advertisement
टीसीएस के सीईओ राजेश गोपीनाथन ने कहा, लंबी अवधि के लिहाज से मांग अच्छी नजर आती है। हम सीख रहे हैं और ग्रोथ के लिए दांव लगा रहे हैं

Tata Consultancy Services : टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेज (TCS)  के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राजेश गोपीनाथन (Rajesh Gopinathan) ने कहा कि कंपनी वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी किसी भी बाधा के बीच से अपने लिए रास्ता बना सकती है और वह अपनी सेवाओं के लिए दीर्घकालिक मांग को भुनाना चाहती है। TCS ने इस दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर की बिक्री हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।

ग्रोथ पर दांव लगा रही है TCS

भारत के 227 अरब डॉलर की टेक सर्विसेज इंडस्ट्री सबसे बड़ी कंपनी TCS को कई चुनौतियों से पार पाना है। इनमें चीन में कोविड महामारी, यूक्रेन युद्ध के चलते यूरोप में उथलपुथल आदि शामिल हैं। कंपनी अमेरिका में हजारों कंपनियों को टेक सेवाएं देती है। मुंबई में ब्लूमबर्ग न्यूज से बातचीत में गोपीनाथन ने कहा, “लंबी अवधि के लिहाज से मांग अच्छी नजर आती है। हम सीख रहे हैं और ग्रोथ के लिए दांव लगा रहे हैं।”


स्टार्टअप्स से बिजनेस हासिल करने की है योजना

TCS ने स्टार्टअप्स के साथ ही बड़ी वैश्विक कंपनियों से बिजनेस हासिल करने के लिए पिछले महीने ही विशेष समूह बनाने के साथ आंतरिक स्ट्रक्चर में बदलाव किया है। गोपीनाथ ने कहा, एक महीने से भी कम समय में यह बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा, “हम पुनर्गठन के तरीके को लेकर खासे उत्साहित हैं। हमने कस्टमर्स पर ज्यादा फोकस किया है, जिससे हमें ज्यादा से ज्यादा बिजनेस के अवसर मिलें।”

कंसोलिडेशन के दौर में बाजार, इन 10 स्टॉक्स पर लगाएं दांव, अगले 3-4 हफ्ते में चमका सकते हैं किस्मत

लेबर कॉस्ट में बढ़ोतरी है बड़ी चुनौती

टीसीएस एशिया की सबसे बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनी है और टाटा ग्रुप की अहम कंपनी है। मार्च में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की टेक सर्विसेज का रेवेन्यू 25 अरब डॉलर से ज्यादा रहा है। हालांकि लेबर कॉस्ट में बढ़ोतरी उसके लिए बड़ी चुनौती है। TCS ने मार्च, 2022 में समाप्त तिमाही के दौरान 7.4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 99.3 अरब रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया, जो बाजार के अनुमानों से कुछ कम रहा।

खराब आउटलुक के बाद भी क्यों हैं पॉजिटिव

TCS के कर्मचारियों की संख्या लगभग 6 लाख है और उसकी मार्च, 2023 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान 40,000 से ज्यादा ग्रेजुएट्स को भर्ती करने की योजना है।

ICICI PRU LIFE के Q4 नतीजों के बाद ब्रोकरेजेस से जानें इसे खरीदें, बेचें या करें होल्ड

गोपीनाथन ने कहा, उनसे अक्सर सवाल पूछे जाते हैं कि वैश्विक इकोनॉमी से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद TCS ने क्यों भर्तियों का फैसला किया है। उन्होंने कहा, “मैं इस बात को लेकर खासी बहस देख रहा हूं कि हर कोई खराब आउटलुक की बात कर रहा है तो आप इतने पॉजिटिव क्यों हैं?” उन्होंने कहा, यह कहना सही नहीं है कि हम एक बुलबुले में जी रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम यह जानते हुए ग्रोथ पर दांव लगा रहे हैं कि यदि हम गलत साबित हुए तो हम कदम पीछे खीचेंगे और खुद में बदलाव करेंगे।”

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।