फूड डिलीवरी फर्म Zomato के शेयर्स की हाल ही में लिस्टिंग 52 प्रतिशत के प्रीमियम पर हुई थी। यह इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) 38 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ था। इस साल आए कई IPO में इनवेस्टर्स को लिस्टिंग पर अच्छा प्रॉफिट मिला है। हालाांकि, एक बड़ी समस्या किसी पब्लिक ऑफर के कई गुणा सब्सक्राइब होने पर शेयर्स का अलॉटमेंट मिलने की होती है।
कुछ इनवेस्टर्स IPO से पहले भी शेयर्स खरीदते हैं। बहुत सी कंपनियां IPO लाने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि, अनलिस्टेड मार्केट से इनके शेयर्स खरीदकर प्रॉफिट कमाना आसान नहीं है।
जब एक कंपनी IPO के लिए डॉक्यूमेंट दाखिल ककती है तो उसके मौजूदा इनवेस्टर्स और एंप्लॉयीज के पास मौजूद शेयर्स का प्राइवेट मार्केट में प्राइस बढ़ने लगता है। उदाहरण के लिए पेटीएम को ऑपरेट करने वाली One97 Communications के शेयर का प्राइस बढ़कर 3,000 रुपये पर पहुंचने का अनुमान है। एक वर्ष पहले यह 1,500 रुपये पर था।
केयर हेल्थ इंश्योरेंस के शेयर्स की भी कंपनी के पब्लिक ऑफर लाने की रिपोर्ट आने के बाद से डिमांड है। इसका शेयर 230 रुपये से अधिक के प्राइस पर है। अनलिस्टेड मार्केट में शेयर्स के प्राइसेज में वोलैटिलिटी अधिक होती है और ये सही वैल्यू का संकेत नहीं देते।
स्टॉक मार्केट में इन शेयर्स के लिस्टेड नहीं होने के कारण इनके लिए एक मार्केट प्राइस नहीं होता। इन शेयर्स के लिए मार्केट प्राइस का एक अनुमान मिलता है। कुछ वेल्थ मैनेजमेंट फर्में अनलिस्टेड शेयर्स खरीदने में इनवेस्टर्स की मदद करती हैं।
Analah Capital और Unlistedkart जैसे पोर्टल भी ऐसे शेयर्स को खरीदने का इंतजाम करते हैं। फैमिली फर्स्ट कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और फाउंडर, रूपेश नागदा ने बताया, "बड़े इनवेस्टर्स के लिए शेयर्स का इंतजाम एक फिक्स्ड फीस पर किया जा सकता है। अनलिस्टेड शेयर्स के प्राइस में अक्सर ब्रोकर की फीस शामिल होती है।" इन शेयर्स को खरीदने के लिए इनवेस्टर के पास डीमैट एकाउंट होना चाहिए।