हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) अपने अलग हुए आइसक्रीम बिजनेस को BSE और NSE पर लिस्ट करने की योजना बना रही है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए कंपनी ने आज 22 जनवरी को आयोजित बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। लिस्टिंग के तहत कंपनी ने अपने मौजूदा शेयरधारकों के लिए 1:1 के अनुपात में शेयर रेश्यो की घोषणा की। इसका मतलब है कि HUL के मौजूदा शेयरधारकों को उनके पास मौजूद हर एक शेयर के बदले आइसक्रीम बिजनेस की लिस्टिंग के बाद उसका एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा।
HUL ने एक्सचेंज फाइलिंग में क्या कहा?
HUL ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि एफएमसीजी कंपनी के शेयरधारकों को उनके द्वारा रखे गए प्रत्येक शेयर के बदले नई एंटिटी में एक इक्विटी शेयर मिलेगा। डीमर्जर के बाद नई एंटिटी क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड एक इंडिपेंडेंट और पब्लिकली लिस्टेड कंपनी के रूप में काम करेगी।
सितंबर 2024 में गठित एक इंडिपेंडेंट कमेटी की सिफारिश के बाद कंपनी के बोर्ड ने नवंबर 2024 में डीमर्जर को मंजूरी दे दी थी। कमेटी ने पाया कि आइसक्रीम बिजनेस, जिसमें क्वालिटी वॉल्स, कॉर्नेटो और मैग्नम जैसे पॉपुलर ब्रांड शामिल हैं, का एक यूनिक ऑपरेटिंग मॉडल है। इसके लिए स्पेशलाइज्ड कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और अलग डिस्ट्रीब्यूशन चैनल्स की जरूरत होती है, जो HUL के बाकी ऑपरेशन से अलग है।
यह डिमर्जर HUL की पैरेंट कंपनी, Unilever PLC, की ग्लोबल स्ट्रेटेजी के अनुरूप है, जिसने पहले अपनी आइस क्रीम बिजनेस को कई क्षेत्रों में अलग करने का इरादा जताया था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के लिए आइसक्रीम बिजनेस का टर्नओवर 1595 करोड़ रुपये रहा, जो कंपनी के कुल स्टैंडअलोन कारोबार का 2.7 फीसदी है।