सरकार के इस कदम पर तेज बिकवाली, 4% टूट गया IDBI Bank का शेयर

IDBI Bank Share Price: आईडीबीआई बैंक के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखा। सरकार के एक कदम के चलते आज दिन भर यह रेड जोन में बना रहा। इंट्रा-डे में यह 4 फीसदी से अधिक टूट गया था। दिन के आखिरी में इसमें कुछ रिकवरी तो दिखी लेकिन फिर भी इसमें 3 फीसदी की कमजोरी बनी हुई है। इसके शेयर सरकार के एक फैसले के चलते आज भहराए हैं

अपडेटेड Nov 22, 2023 पर 4:45 PM
LIC के साथ मिलकर सरकार IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रही है। अभी इसमें सरकार की 45 फीसदी और एलआईसी की 49.24 फीसदी हिस्सेदारी है।
     
     
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    IDBI Bank Share Price: आईडीबीआई बैंक के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखा। सरकार के एक कदम के चलते आज दिन भर यह रेड जोन में बना रहा। इंट्रा-डे में यह 4 फीसदी से अधिक टूट गया था। दिन के आखिरी में इसमें कुछ रिकवरी तो दिखी लेकिन फिर भी इसमें 3 फीसदी की कमजोरी बनी हुई है। इसके शेयर सरकार के एक फैसले के चलते आज भहराए हैं। दिन के आखिरी में BSE पर यह 2.99 फीसदी की गिरावट के साथ 60.41 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 4.13 फीसदी फिसलकर 59.70 रुपये तक आ गया था।

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    सरकार के किस फैसले ने बढ़ाई IDBI Bank में बिकवाली


    IDBI Bank में सरकार अपनी हिस्सेदारी घटा रही यानी विनिवेश कर रही है। हालांकि सरकार ने इसके लिए बोली मंगाने की प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। यह प्रक्रिया विनिवेश के लिए एसेट वैल्यूअर को तय करने के लिए रद्द किया गया है। केंद्र एसेट वैल्यूअर को नियुक्त करने के लिए फिर से प्रस्ताव मंगाएगा (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) मंगाएगा। यह प्रक्रिया ऐसे समय में रद्द हुई है जब सरकार ने RFP को चार गुना बढ़ाया है।

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    एसेट वैल्यूअर का क्या होगा काम

    LIC के साथ मिलकर सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रही है। अभी इसमें सरकार की 45 फीसदी और एलआईसी की 49.24 फीसदी हिस्सेदारी है। दोनों ने मिलकर बैंक में 60.7 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इस बिक्री के लिए सरकार को जनवरी में कई शुरुआती बोली मिली थी। जो एसेट वैल्यूअर तय होगा, उसका काम बैंक के निवेश, लोन और एडवांसेज की फेयर वैल्यू निकालना है ताकि इसका फाइनेंशियल पोर्टफोलियो पेश किया जा सके। इस काम में एसेट वैल्यूअर बैंक के डिपॉजिट, कर्ज और बाकी देनदारियों को भी देखेगी ताकि इसकी वित्तीय स्थिति देखी जा सके।

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