आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान बैंक का प्रॉफिट 4.9 फीसदी बढ़कर 319 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में बैंक का प्रॉफिट 304 करोड़ रुपये था। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) 15.7 फीसदी बढ़कर 5,677 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,906 करोड़ रुपये था।
ग्रॉस एनपीए घटकर 1.61 पर आया
IDFC First Bank की एसेट क्वालिटी में तिमाही दर तिमाही आधार पर इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रॉस एनपीए घटकर 1.61 फीसदी पर आ गया, जो दिसंबर तिमाही में 1.69 फीसदी था। नेट एनपीए भी दिसंबर तिमाही के 0.53 फीसदी से घटकर 0.48 फीसदी पर आ गया।
बैंक ने प्रोविजनिंग भी कम किया
बैंक ने मार्च तिमाही में 869 करोड़ रुपये का प्रोविजनिंग किया, जो दिसंबर तिमाही में 1,398 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग से काफी कम है। एक साल पहले की मार्च तिमाही में बैंक ने 1,450.4 करोड़ रुपये का प्रोविजनिंग किया था। बैंक ने चंडीगढ़ ब्रांच में हुए फ्रॉड का पूरी तरह निपटारा कर दिया। इससे चौथी तिमाही में बैंक पर 483 करोड़ रुपये का असर पड़ा।
माइक्रो फाइनेंस को छोड़ बाकी बिजनेस का अच्छा प्रदर्शन
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ वी वैद्यनाथन ने कहा, "बैंक की एसेट क्वालिटी स्टेबल बनी हुई है। हमने पहले भी कहा है कि सिर्फ माइक्रो फाइनेंस को छोड़ सभी बिजनेसेज में एसेट क्वालिटी अच्छी बनी हुई है। माइक्रो फाइनेंस का मसला पूरी बैंकिंग इंडस्ट्री का है।" उन्होंने कहा कि माइक्रो फाइनेंस को हम पीछे छोड़ चुके है। इससे जीएनपीए गिरकर 1.61 फीसदी और एनएनपीए 0.48 फीसदी पर आ गया।
साल दर साल आधार पर लोन ग्रोथ 87 फीसदी
मार्च तिमाही में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा। साल दर साल आधार पर बैंक की 87 फीसदी लोन ग्रोथ में मॉर्टगेज लोन, व्हीकल्स लोन, कंज्यूमर लोन जैसे प्रमुख लोन सेगमेंट का बड़ा हाथ रहा। बैंक ने रिटेल बिजनेस के विस्तार पर अपना फोकस बनाए रखा है।
25 अप्रैल को गिरकर बंद हुआ शेयर
मार्च तिमाही में एक्टिव क्रेडिट कार्ड्स 45 लाख के पार हो गया। वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस की ग्रोथ भी अच्छी रही। यह साल दर साल 23 फीसदी बढ़कर 57,000 करोड़ रुपये रहा। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर 24 अप्रैल को 0.65 फीसदी गिरकर 67.39 रुपये पर बंद हुआ। 2026 में यह शेयर 21 फीसदी से ज्यादा गिरा है।