Demat Account में आपकी कमाई रहेगी सेफ, जानिए 30 सितंबर से कैसे बढ़ेगी सुरक्षा

एनएसई के सर्कुलर में कहा गया है कि मेंबर्स को अपनी डीमैट अकाउंट में लॉन-इन करने के लिए एक ऑथन्टेकेशन फैक्टर के रूप में बायोमीट्रिक ऑथन्टेकेशन का इस्तेमाल करना होगा। दूसरा ऑथन्टेकेशन एक 'नॉलेज फैक्टर' हो सकता है

अपडेटेड Sep 09, 2022 पर 6:18 PM
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एनएसई के सर्कुलर में कहा गया है कि मेंबर्स को अपनी डीमैट अकाउंट में लॉन-इन करने के लिए एक ऑथन्टेकेशन फैक्टर के रूप में बायोमीट्रिक ऑथन्टेकेशन का इस्तेमाल करना होगा।

क्या आपका डीमैट अकाउंट (demat account) है? अगर है तो आपको 30 सितंबर, 2022 तक टू-फैक्टर ऑथन्टेकेशन (two-factor authentication) पूरा करना होगा। इसके बाद ही आप अपने डीमैट अकाउंट में लॉग-इन कर पाएंगे। एनएसई (NSE) ने इस बारे में जून में एक सर्कुलर जारी किया था।

एनएसई के सर्कुलर में कहा गया है कि मेंबर्स को अपनी डीमैट अकाउंट में लॉन-इन करने के लिए एक ऑथन्टेकेशन फैक्टर के रूप में बायोमीट्रिक ऑथन्टेकेशन का इस्तेमाल करना होगा। दूसरा ऑथन्टेकेशन एक 'नॉलेज फैक्टर' हो सकता है। यह पासवर्ड, पिन या कोई पॉजेशन फैक्टर हो सकता है, जिसकी जानकारी सिर्फ यूजर को होती है।

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क्लाइंट्स को एसएमएस और ईमेल दोनों के जरिए ओटीपी हासिल करना होगा। ऐसे मामले जिसमें बायोमीट्रिक ऑथन्टेकेशन मुमकिन नहीं है, मेबर्स को नॉलेज फैक्टर का इस्तेमाल करना होगा। इसमें पासवर्ड/पिन, पॉजेशन फैक्टर (OTP/सिक्योरिटी टोकन) और यूजर आईडी हो सकता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर स्टॉक ब्रोकर्स सेकेंड ऑथन्टेकेशन फैक्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें पासवर्ड शामिल नहीं है। हालांकि, पासवर्ड और पिन दोनों ही नॉलेज फैक्टर्स हैं। इन्हें ऑथन्टेकेशन के लिए दो अलग-अलग फैक्टर्स नहीं माना जा सकता।

एनएसई और बीएसई ने इस बारे में सेबी के 3 दिसंबर, 2018 के सर्कुलर का हवाला दिया है। साइबर सिक्योरिटी से जुड़े इस सर्कुलर में ऑथन्टेकेशन फैक्टर्स के बारे में इस तरह का अंतर बताया गया है। अब एनएसई ने लॉग-इन के लिए 30 सितंबर से टू-फैक्टर ऑथन्टेकेशन को जरूरी बना दिया है।

इस बारे में स्टॉक ब्रोकर जिरोधा ने भी अपनी वेबसाइट पर बताया है। उसने कहा है, "एक्सचेंज के नए रेगुलेशंस के मुताबिक, 30 सितंबर, 2022 से पहले डीमैट अकाउंट में लॉग-इन के लिए टीओटीीपी टू-फैक्टर अथॉन्टेकेशन जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर कस्टमर्क ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। "

TOTP का मतलब टाइम-बेस्ट वन-टाइम पासपर्ड है। ट्रेडिशनल ओटीपी से आपको ईमेल या एसएमएस के जरिए डेलिवर किया जाता है, जबकि टीओटीपी को टीओटीवी ऐप से जेनरेट किया जाता है। यह ऐप आपके फोन में होता है। यह टीओटीपी सिर्फ थोडे समय के लिए वैलिड होता है। यह समय 30 सेकेंड हो सकता है।

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