IIFL Finance Shares price: आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड के शेयरों में लगातार दूसरे दिन 20% की भारी गिरावट आई और शेयरों ने लोअर सर्किट को छू लिया। पिछले 2 दिनों में कंपनी के शेयरों का भाव करीब 36 फीसदी घट गया है। यह गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से कंपनी के गोल्ड लोन बिजनेस पर की गई कार्रवाई के बाद आया है। इस कार्रवाई के बाद ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने स्टॉक की रेटिंग को 'खरीदें (Buy)' से घटाकर "होल्ड" कर दिया और इसके मूल्य लक्ष्य को पहले के 765 रुपये से घटाकर 435 रुपये कर दिया। ब्रोकरेज का मानना है कि गोल्ड लोन बिजनेस पर प्रतिबंध से कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ेगा।
जेफरीज ने कहा कि आरबीआई के कदम से उसकी गोल्ड लोन बुक में तेजी से गिरावट आ सकती है, जिसके कारण कमाई में कमी आ सकती है। कंपनी के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में गोल्ड लोन का हिस्सा लगभग एक तिहाई या 32% है।
RBI के प्रतिबंध हटाने का समय अनिश्चित है। लेकिन यह माना जा रहा है कि अगर प्रतिबंध 9 महीने तक रहता है, तो वित्त वर्ष 2025 में इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1% गिर सकता है, जबकि गोल्ड लोन AUM आधा हो सकता है। जेफरीज ने वित्त वर्ष 2025-2026 के प्रति शेयर आय (EPS) अनुमान में 26% और 27% की कटौती की है। वहीं रिटर्न ऑन इक्विटी पर 4.6-4.8 फीसदी की कटौती की है।
बीएंडके सिक्योरिटीज ने कहा कि IIFL फाइनेंस के लिए गोल्ड लोन सेगमेंट काफी महत्व रखता है और उम्मीद है कि यह आगे चलकर इसके लिए एक अहम ग्रोथ इंजन होगा। इसमें कहा गया है कि कंपनी का करीब 25 फीसदी कंसॉलिडेटेड मुनाफा, गोल्ड लोन बिजनेस से आता है, जिसपर RBI की कार्रवाई का असर पड़ने की संभावना है।
RBI ने IIFL फाइनेंस को नए गोल्ड लोन देने पर रोक लगाई है। यह फैसला 31 मार्च, 2023 को आरबीआई द्वारा कंपनी की जांच के बाद लिया गया। इस जांच में कुछ मामलो में कंपनी के कामकाज में विसंगतियों का पता चला। RBI ने एक बयान में कहा, "कंपनी के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में कुछ चिंताएं देखी गईं। इनमें लोन मंजूरी के समय सोने की शुद्धता और शुद्ध वजन की जांच और प्रमाणित करने में गंभीर अनियमितता देखी गई। लोन देने की रकम और सोने की कीमत में विसंगितियां मिली। सोने की शुद्धता और वजन में भी दिक्कतें नजर आई हैं।"
IIFL फाइनेंस के शेयर अब 20% गिरकर 382 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे हैं।
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