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Goldman Sachs Report: आर्थिक सुस्ती का संकट खत्म, लेकिन बाजार में जारी रहेगा उतार-चढ़ाव

Goldman Sachs के अनुसार, भारत की आर्थिक मंदी का सबसे बुरा दौर खत्म हो चुका है, लेकिन बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। NIFTY 50 में 10% गिरावट आई है, जबकि RBI की दर कटौती और टैक्स राहत से GDP ग्रोथ 6.4% तक पहुंच सकती है। हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 26, 2025 पर 7:12 PM
Goldman Sachs Report: आर्थिक सुस्ती का संकट खत्म, लेकिन बाजार में जारी रहेगा उतार-चढ़ाव
गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, NIFTY 50 इंडेक्स अपने सितंबर 2024 के उच्चतम स्तर से 10% गिर चुका है।

Goldman Sachs Economic Slowdown: ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म Goldman Sachs का मानना है कि भारत की आर्थिक मंदी और कमाई में गिरावट का सबसे बुरा दौर अब खत्म हो चुका है। हालांकि, उसने आगाह भी किया कि स्मॉल और मिड-कैप स्टॉक्स (Small- & Mid-Cap Stocks) में बड़े पैमाने पर घरेलू निवेश है। ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। इसमें खासतौर पर व्यापार शुल्क (Trade Tariffs) शामिल है। इन सबके चलते बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

अपने लेटेस्ट रिपोर्ट में Goldman Sachs ने कहा, "आर्थिक वृद्धि और कमाई के रुझान के लिहाज से सबसे बुरा दौर अब पीछे छूट चुका है, और शेयरों की वैल्यूएशन में भी अहम सुधार आया है।"

शेयर बाजार में गिरावट के कारण

गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि NIFTY 50 इंडेक्स अपने सितंबर 2024 के उच्चतम स्तर से 10% गिर चुका है। इसका कारण कमजोर मैक्रोइकॉनॉमिक स्थितियां और अलग-अलग सेक्टर्स में वैल्यूएशन है। FY26 के लिए बाजार में औसतन 7% तक EPS (Earnings Per Share) की उम्मीदें घटा दी गई हैं।

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