भारत में इलेक्ट्रिकल व्हीकल बनाने वाली कंपनियों (EV makers) द्वारा दी जा रही भारी छूट के चलते इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की बिक्री में जोरदार इजाफा देखने को मिला। भारत की इलेक्ट्रिक दोपहिया (E2W) की बिक्री सालाना लगभग 24 प्रतिशत बढ़कर फरवरी 2024 में 81,963 यूनिट हो गई। वाहन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024 की 11 महीने की अवधि में 800,000 यूनिट को पार कर गई। फरवरी 2023 में, भारत के EV दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन 66,053 यूनिट्स दर्ज किया गया। मई 2023 में 1,04,055 यूनिट्स के उच्चतम स्तर को छू गया। वाहन वेबसाइट (Vahan website) के अनुसार जून में FAME-II सब्सिडी में कमी के बाद से रजिस्ट्रेशन लगभग 45,000 यूनिट तक कम हो गया।
आंकड़ों से पता चलता है कि E2W रजिस्ट्रेशन जनवरी 2024 (81,927 यूनिट्स) की तुलना में 36 यूनिट्स अधिक था। (E2W) की बिक्री जनवरी में 5.6 प्रतिशत से बढ़कर फरवरी में 5.7 प्रतिशत हो गई।
इसके अलावा, इस साल अब तक FY24 औसत मासिक रन रेट 73,190 यूनिट (+21 प्रतिशत सालाना) था। FY23 औसत मासिक रन रेट 60,500 यूनिट था।
बता दें कि VAHAN केवल पंजीकृत बिक्री की कुल संख्या को रिकॉर्ड करता है, बुकिंग को नहीं। इसमें कम गति वाली E2W बिक्री को भी शामिल नही किया गया है। इसमें लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के डेटा को शामिल नहीं किया गया है।
उद्योग पर्यवेक्षकों का मानना है कि भारत में फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles in India (FAME) स्कीम फेज II के तहत इंसेंटिव कम करने के सरकार के कदम के बावजूद रजिस्ट्रेशन संख्या "बाजार स्थिरीकरण" का संकेत देती है।
उल्लेखनीय है कि फेम इंडिया स्कीम (FAME India Scheme) राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन योजना (National Electric Mobility Mission Plan (NEMMP) के तहत एक सरकारी सब्सिडी योजना है। इसका उद्देश्य हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना और बनाना है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025 के लिए FAME स्कीम के लिए बजटीय आवंटन लगभग 44 प्रतिशत घटाकर 2,671 करोड़ रुपये कर दिया है। जिसके बारे में उद्योग जगत की कंपनियों का अनुमान है कि इससे ईवी सेक्टर में मंदी आ सकती है।
वित्त वर्ष 2024 में, FAME स्कीम्स के लिए लगभग 4,807 करोड़ रुपये अलग रखे गए थे। ऐसा 1 फरवरी को प्रकाशित सरकार के बजट आवंटन दस्तावेज से पता चला है।
“ऐसा लगता है कि सब्सिडी की वापस लेने के कारण निर्माता जल्दबाजी कर रहे हैं। वे समय सीमा से पहले अपनी इनवेंटरी को खाली कर रहे हैं। इससे सब्सिडी खत्म होने के बाद कीमतों में अचानक वृद्धि हो सकती है। जिससे इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के उपयोग किये जाने के वास्तविक स्तर का पता चलेगा। सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल (Society of Manufacturers of Electric Vehicle (SMEV) के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा, "यह देखना दिलचस्प होगा कि यह वास्तविक कंज्यूमर डिमांड और एडॉप्शन रेट की दर किस तरह दिखाई देगी।"
Ola की मार्केट लीडरशिप कायम
ओला इलेक्ट्रिक ने फरवरी 2024 में 33,722 यूनिट्स के उच्चतम रजिस्ट्रेशन के साथ 41.1 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा। इसके बाद टीवीएस मोटर्स की 17.7 प्रतिशत, बजाज ऑटो की 14.2 प्रतिशत, एथर एनर्जी 11.0 प्रतिशत और ग्रीव्स इलेक्ट्रिक (पूर्व में एम्पीयर) की 3.2 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।