India's Forex Reserve: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा हुआ है। यह 3 अप्रैल, 2026 को खत्म हफ्ते में 9.063 अरब डॉलर बढ़कर 697.121 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 10 अप्रैल को फॉरेक्स रिजर्व के डेटा जारी किए। इससे पहले (27 मार्च को खत्म हफ्ते) के हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 10.288 अरब डॉलर घटकर 688.058 डॉलर पर आ गया था।
27 फरवरी को ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था
इस साल 27 फरवरी को खत्म हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 728.494 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। तब अमेरिका-इजराल और ईरान के बीच लड़ाई शुरू नहीं हुई थी। 28 फरवरी को इस लड़ाई के शुरू होने के बाद विदेशी मुद्रा भंडार पर असर देखने को मिला था।
मध्यपूर्व की लड़ाई का असर रुपये पर भी पड़ा
मध्यपूर्व की लड़ाई का असर रुपये पर भी पड़ा। डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट आई। आरबीआई को रुपये को गिरने से बचाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। उसने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचे। केंद्रीय बैंक ने रुपये को संभालने के लिए कई दूसरे उपायों के भी ऐलान किए। बीते कुछ सत्रों में रुपये में रिकरी देखने को मिली है।
फॉरेन करेंसी एसेट्स भी बढ़ा
3 अप्रैल को खत्म हफ्ते में फॉरेन करेंसी एसेट्स 1.784 अरब डॉलर बढ़कर 552.856 अरब डॉलर पर पहुंच गए। यह देश के विदेशी मुद्रा भंडार का एक बड़ा हिस्सा है। आरबीआई के डेटा से यह जानकारी मिली है। विदेशी मुद्रा भंडार पर दूसरी करेंसी की कीमतों में घट-बढ़ का असर पड़ता है। इनमें यूरो, पाउंड और येन शामिल हैं। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में ये करेंसी भी शामिल हैं।
गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भी इजाफा
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि 3 अप्रैल को खत्म हफ्ते में गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 7.2 अरब डॉलर बढ़कर 120.74 अरब डॉलर हो गई। स्पेशल ड्राविंग राइट्स (SDR) 5.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.70 अरब डॉलर पर पहुंच गए। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के पास इंडिया की रिजर्व पोजीशन बगैर बदलाव के 4.81 अरब डॉलर हो गई।