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इंडिया तेज ग्रोथ के नए फेज में प्रवेश करने जा रहा है, एक्सपर्ट्स ने बताई इसकी वजह

Carnelin Capital को को-फाउंडर मनोज बहेती ने कहा कि इंडिया ऐसे प्वाइंट पर है, जहां से चीजें बदलने जा रही हैं। पिछले कुछ सालों में सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर तीन गुना हो गया है। यह 4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये हो गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 28, 2026 पर 12:54 PM
इंडिया तेज ग्रोथ के नए फेज में प्रवेश करने जा रहा है, एक्सपर्ट्स ने बताई इसकी वजह
लेबर रिफॉर्म्स, अपेक्षाकृत स्टेबल पावर कॉस्ट, इम्प्रूव्ड लॉजिस्टिक्स और कई सेक्टर्स में एक्सपोर्ट्स ग्रोथ इस बात के संकेत हैं कि ईकोसिस्टम में सुधार आ रहा है।

इंडिया की ग्रोथ नए चरण में प्रवेश कर रही है। इसे पॉलिसी सपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग की तेज रफ्तार और मार्केट लीडरशिप में बदलाव का सपोर्ट मिल रहा है। यह बजट 2026 पर चर्चा के लिए पीएमएस एआईएफ वर्ल्ड के प्रोग्राम में शामिल एक्सपर्ट्स का मानना था। इस कार्यक्रम में शामिल कई एक्सपर्ट ने इंडिया के भविष्य के बारे में अपनी राय बताई। उन्होंने उन वजहों के बारे में भी विस्तार से बताया, जिससे इंडिया की तेज ग्रोथ को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है।

अब ग्रोथ किसी एक फैक्टर पर निर्भर नहीं

Carnelin Capital को को-फाउंडर मनोज बहेती ने कहा, "इंडिया एक ऐसे प्वाइंट पर है, जहां से चीजें बदलने जा रही हैं।" उन्होंने मौजूदा फेज को इंडिया के लिए 'मल्टी-इंजन ग्रोथ साइकिल' बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर तीन गुना हो गया है। यह 4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये हो गया है। प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर भी रफ्तार पकड़ रहा है। पिछले साल यह 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। इससे ग्रोथ सिर्फ किसी एक फैक्टर पर निर्भर नहीं है बल्कि इसका आधार व्यापक हो गया है।

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