दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन फंड 'नोर्गेस बैंक' ने अपने पोर्टफोलियो में इंडिया का वेटेज घटा दिया है। उसने 31 दिसंबर, 2025 को इंडिया का वेटेज 40 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 2.1 फीसदी कर दिया। नोर्गेस बैंक 2 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा एसेट्स का मैनेजमेमेंट करता है। फंड की नई एनुअल फाइलिंग से यह जानकारी मिली है।
भारतीय बाजार का कमजोर प्रदर्शन
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि नोर्गेस बैंक ने 2025 में दूसरे इमर्जिंग मार्केट्स के मुकाबले भारतीय बाजार के कमजोर प्रदर्शन की वजह से यह कदम उठाया है। बताया जाता है कि सॉवरेन फंड के इंडिया पोर्टफोलियो का प्रदर्शन 2025 में दूसरे उभरते बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा। नोर्गेस बैंक ने 2025 में 15 फीसदी रिटर्न हासिल किया। लेकिन, इंडिया इकलौता ऐसा देश है, जिसका रिटर्न निगेटिव रहा। नोर्गेस बैंक के इंडिया पोर्टफोलियो में 2025 में 1.4 फीसदी गिरावट आई।
इंडिया के वेटेज में कमी का सीधा फायदा चीन को हुआ। चीन का वेटेज 30 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 3.6 फीसदी हो गया। यहां तक कि ताइवान का वेटेज 20 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 2.7 फीसदी हो गया। इससे नॉर्वे पेंशन फंड पोर्टफोलियो में ताइवान की हिस्सेदारी भारत से ज्यादा हो गई है। नॉर्वे पेंशन फंड सहित दुनिया के ज्यादातर मार्केट वैल्यू आधारित इंडेक्सिंग का इस्तेमाल करते हैं। इस मेथड में किसी कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन के आधार पर इंडेक्स में उसका वेटेज बदलता रहता है।
पिछले महीने अदाणी ग्रीन पोर्टफोलियो से बाहर
इसका मतलब है कि बेहतर प्रदर्शन वाले स्टॉक्स का वेटेज इंडेक्स में बढ़ता है। खराब प्रदर्शन वाले स्टॉक्स का प्रदर्शन इंडेक्स में घट जाता है। कई बार इंडेक्स में मैनुअल इंटरवेंशन होता है। इसमें इंडेक्स में किसी शेयर को शामिल किया जाता है या उसे हटाया जाता है। पिछले महीने नोर्गेस बैंक ने अपने पोर्टफोलियो से अदाणी ग्रीन एनर्जी को हटा दिया था। इसकी वजह कंपनी के खिलाफ अमेरिकी में चल रही रेगुलेटर की जांच है।
नोर्गेस बैंक इनवेस्टमेंट ने दिया यह जवाब
मनीकंट्रोल के सवाल के जवाब में नोर्गेस बैंक इनवेस्टमेंट अथॉरिटी ने कहा, " फंड ने रेफरेंस इंडेक्स के मुताबिक दुनियाभर में निवेश किया है। नॉर्वे मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने यह इंडेक्स बनाया है, जिसके लिए वह शुरुआत में एफटीएसई ग्लोबल ऑल कैप इंडेक्स का इस्तेमाल करता है। हम किसी खास मार्केट के आउटलुक पर कमेंट नहीं करते हैं। "